प्रयागराज: माघ मेला 2022 के दौरान मेडिकल टीम मेले में पहुंचने से पहले ही थर्मल स्कैनिंग और कोविड वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाणपत्र भी चेक करेगी. जिन श्रद्धालुओं के पास वैक्सीन दोनों डोज़ का प्रमाण पत्र होगा, उनको स्वस्थ होने पर ही मेले में प्रवेश दिया जाएगा.
ये मेला माघी पूर्णिमा के स्नान तक चलता है. इस बार माघ मेला शुरू होने से पहले ही देश दुनिया में कोरोना के साथ ही ओमीक्रोन के केस तेजी से बढ़ने लगे हैं. ऐसे में माघ मेले को महामारी मुक्त करवा पाना जिला प्रशासन के साथ ही स्वास्थ विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.
माघ मेले में एक तरफ जहां बड़ी संख्या में कल्पवासी रहते हैं. वहीं दूसरी तरफ मुख्य स्नान पर्वों पर मेला क्षेत्र में बड़ी लोग उमड़ते हैं. मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी के दिन मेला क्षेत्र में लाखों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने आते हैं.
ऐसे श्रद्धालुओं की भीड़ से कोविड गाइड लाइन का पालन करवा पाना आसान नहीं होगा. लाखों की भीड़ जब संगम स्नान करने के लिए जाएगी, तो उनसे सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाए जाने के नियमों के पालन करवाने की उम्मीद भी नहीं कि जा सकती है.
माघ मेले को लेकर स्वास्थ विभाग ने सतर्कता बरतने के बड़े-बड़े दावे किए हैं. सीएमओ डॉ. नानक सरन का कहना है कि मेले में प्रवेश से पहले ही श्रद्धालुओं की जांच कर ली जाएगी. इसके लिए माघ मेला क्षेत्र में प्रवेश वाले 16 स्थानों पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी. स्वास्थ विभाग की ये टीम मेले में प्रवेश से पहले कल्पवासी और श्रद्धालुओं की जांच करेंगे.
प्रयागराज सीएमओ डॉ. नानक सरन के अनुसार मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ का पूरा ध्यान रखना है. उसके लिए मेला क्षेत्र में स्वास्थ विभाग की तरफ से पूरी व्यवस्था की जा रही है. मेला क्षेत्र में 20 बेड के दो बड़े अस्पताल के साथ ही 12 स्वास्थ केंद्र बनाए जा रहे हैं. जहां पर मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की रहेगी.
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