जयपुर. राजस्थान में तैनात केंद्रीय विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों पर एसीबी की निगाहें हैं. रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों पर राजस्थान एसीबी सख्त एक्शन ले रही है. प्रदेश में कार्यरत केंद्रीय विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ रिश्वत के मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार पहले सीबीआई के पास था, लेकिन राजस्थान सरकार ने 21 जुलाई को सीबीआई से जनरल कंसेप्ट वापस ले लिया. इसके बाद अब ये जिम्मेदारी राजस्थान एसीबी के कंधों पर आ गई है.
राजस्थान एसीबी द्वारा इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह किया जा रहा है. बीते 20 दिनों में केंद्रीय विभागों के आधा दर्जन से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया है. एसीबी डीजी बीएल सोनी ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा 21 जुलाई को सीबीआई से जनरल कंसेप्ट वापस ले लिया गया. जिसके बाद अब केंद्रीय विभागों में कार्यरत भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान एसीबी द्वारा कार्रवाई की जा रही है.

गहलोत सरकार द्वारा सीबीआई से जनरल कंसेप्ट वापस लेने के बाद अब सीबीआई राजस्थान में ना तो कोई मामला दर्ज कर सकती है और ना ही केंद्रीय विभागों में तैनात भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार कर सकती है. ऐसे में राजस्थान एसीबी द्वारा बीते 20 दिनों में केंद्रीय विभागों में कार्यरत 9 भ्रष्ट अधिकारियों को रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.

एसीबी डीजी बीएल सोनी ने आमजन से अपील भी की है कि यदि केंद्रीय विभाग में कार्यरत कोई भी अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत की मांग करे, तो उसकी शिकायत एसीबी के टोल फ्री नंबर 1064 पर करें. शिकायतों के आधार पर ही केंद्रीय विभाग में कार्यरत भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एसीबी द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है.
पढ़ें - मिलावटखोरों पर शिकंजा, चौमूं में दो क्विंटल मिलावटी मावा पकड़ाया...दो सगे भाई गिरफ्तार
एसीबी की भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का विवरण
23 अक्टूबर - यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के असिस्टेंट डायरेक्टर पंकज गोयल को 1 लाख रुपए की घूस लेते दिल्ली में गिरफ्तार किया.
26 अक्टूबर - एमएनआईटी में एईएन नरेश कुमार जांगिड़ को 7 हजार रुपए और असिस्टेंट रजिस्ट्रार बीरबल सिंह और जेईएन को 42 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए जयपुर में गिरफ्तार किया.
2 नवंबर - जोधपुर के फलौदी में स्थित केंद्रीय कृषि विभाग के बीसीओ पवन कुमार को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया.
6 नवंबर - सड़क एवं परिवहन मंत्रालय में कार्यरत अधिकारी सीताराम वर्मा और दान सिंह मीणा को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए जयपुर में गिरफ्तार किया.
6 नवंबर - सीजीएसटी में कार्यरत सुपरिटेंडेंट रामस्वरूप और इंस्पेक्टर सुनील कुमार को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए जयपुर में गिरफ्तार किया.
11 नवंबर - जवाहर नवोदय स्कूल जोधपुर के प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार जैन को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया.