डूंगरपुर. गरीब और जरूरतमंद लोगों को राशन में किसी तरह की परेशानी नहीं आए इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है. सरकार कोरोनाकाल में भी लोगों को राशन देकर राहत पंहुचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन इस पर भी कई लोग डाका डालने से बाज नहीं आ रहे हैं. आम व्यक्ति से लेकर सरकारी कर्मचारी तक गरीबों का राशन (Fake Ration Cards In Dungarpur) हड़पने में पीछे नहीं है.
रसद विभाग के अधिकारियों के मुताबिक डूंगरपुर जिले में 1 लाख 68 हजार 953 लोगों ने फर्जी तरीके से गरीबों का राशन उठा लिया. इसमें कई मरे लोगों के नाम से तो कई ने विवाह के बाद बेटियों के नाम से राशन हड़प लिया. कई लोग ऐसे है जो पलायन कर चुके है या फिर 2 से 3 राशन कार्ड बने हैं. रसद विभाग ने इन सभी लोगों को चिन्हित करते हुए उनके नाम हटा दिए हैं. 1 लाख 68 हजार 953 लोगों के फर्जी नाम हटने से जिले में वास्तविक ओर जरूरतमंद लोगों के नाम जुड़ेंगे ओर उन्हें फायदा मिलेगा.
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49 हजार की मौत, 45 हजार के डबल राशन कार्ड
रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 1 लाख 68 हजर 953 में से जिले में 49 हजार 113 नाम ऐसे थे, जिनकी मौत हो गई है. मरे हुए लोगों के नाम से भी फर्जी राशन उठ रहा था. 44 हजार 810 लोगों की शादी हो चुकी है. इनमें अधिकतर लड़किया है जिनकी शादी के बाद वे ससुराल चली गई, लेकिन उनके नाम पिता के राशन कार्ड में जुड़े हुए थे. इसके अलावा 21 हजार 894 लोग रोजगार के लिए लंबे समय से पलायन कर चुके हैं. वहीं करीब 45 हजार डबल राशन कार्ड पकड़े हैं. इनमें 7 हजार 702 डबल ओर 37 हजार 567 तिहरे राशन कार्ड बने हुए थे. इन राशन कार्ड को भी हटा दिए गए हैं.
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ढाई हजार सरकारी कर्मचारियों से 3 करोड़ 40 लाख की रिकवरी
जिले में 3 हजार 622 सरकारी कर्मचारी ऐसे है, जिन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों को दिए जाने वाले राशन को उठा लिया. ये सभी सरकार की इस योजना के पात्र ही नहीं थे. इसमे से अधिकांश कर्मचारी शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारी हैं. रसद अधिकारी ने बताया कि 3 हजार 622 कर्मचारियों में से 2 हजार 662 कर्मचारियों से रिकवरी कर ली गई है. इन कर्मचारियों से 3 करोड़ 40 लाख 19 हजार 252 रुपये की वसूली की गई है. वहीं 960 कर्मचारी ऐसे है, जिन्होंने अब तक रिकवरी की राशि जमा नहीं करवाई है और रसद विभाग ने इन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया हैं.