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जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में नहीं की गई बैरिकेडिंग, हो रही आमजन की आवाजाही - people movement in the Zero Mobility sector

बूंदी के नैनवा में जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित होने के बावजूद प्रशासन की ओर से क्षेत्र में न तो पुलिस कर्मचारी तैनात है न ही बैरिकेडिंग की गई है. जिससे आजमन आराम से बाहर आवाजाही कर रहे है.

जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में आजमन की आवाजाही, people movement in the Zero Mobility sector
जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में आजमन की आवाजाही
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Published : May 21, 2021, 8:39 AM IST

नैनवां (बूंदी). क्षेत्र में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे है. जिसको लेकर प्रशासन भी सावधान हैं. वहीं जिन इलाकों में कोरोना पॉजिटिव लोग मिल रहे है, वहां प्रशासन की ओर से जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित किया गया है. लेकिन यह आदेश केवल कागजों में ही सिमट कर रह गए.

जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में आजमन की आवाजाही

हकीकत कुछ और ही नजर आती है. न तो इस क्षेत्र के आसपास कोई पुलिस कर्मचारी तैनात है, न ही बैरिकेडिंग की गई है. जिससे आजमन आराम से बाहर आवाजाही कर रहे है. दरअसल नैनवां उपखंड अधिकारी की ओर से देई कस्बे में घास का दरवाजा के पास के क्षेत्र में कोरोना पोजिटिव रोगी मिलने पर 100 मीटर के क्षेत्र को जीरो मोबिलिटी करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन संबंधित क्षेत्र में कर्मचारी तो दूर बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है.

नैनवां उपखंड में कोरोना संक्रमण को लेकर उपखंड प्रशासन गंभीर नहीं होने से कर्मचारी और अधिकारी की ओर से केवल मात्र कागजी खानापूर्ति कर इतिश्री की जा रही है, नैनवां उपखंड अधिकारी की ओर से देई कस्बे में घास का दरवाजा मोहल्ले में कोरोना पॉजिटिव रोगी मिलने पर उपखंड अधिकारी ने जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन जब संवाददाता मौके पर पहुंचा तो वहां हकीकत कुछ और नजर आई.

पढ़ेंः नशे का कारोबार! तस्कर के घर से 2 किलो अफीम, 144 किलो डोडा और 15 लाख रुपए बरामद

जिस जगह को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित किया गया था, वहां से रोजाना सैकड़ों लोगों और वाहनों की आवाजाही हो रही है, जो कहीं न कहीं कोरोना को लेकर उपखंड प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता हैं. वहीं देई कस्बे में जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित करने के बाद आदेश की पालना केवल कागजी खानापूर्ति करने से साफ नजर आता है. नैनवां उपखंड अधिकारी की ओर से जारी पॉजिटिव क्षेत्र में जीरो मोबिलिटी करने के आदेश जारी करने के बाद भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से आदेशों की पालना नहीं करना बड़ी लापरवाही को दर्शाता है.

नैनवां (बूंदी). क्षेत्र में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे है. जिसको लेकर प्रशासन भी सावधान हैं. वहीं जिन इलाकों में कोरोना पॉजिटिव लोग मिल रहे है, वहां प्रशासन की ओर से जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित किया गया है. लेकिन यह आदेश केवल कागजों में ही सिमट कर रह गए.

जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में आजमन की आवाजाही

हकीकत कुछ और ही नजर आती है. न तो इस क्षेत्र के आसपास कोई पुलिस कर्मचारी तैनात है, न ही बैरिकेडिंग की गई है. जिससे आजमन आराम से बाहर आवाजाही कर रहे है. दरअसल नैनवां उपखंड अधिकारी की ओर से देई कस्बे में घास का दरवाजा के पास के क्षेत्र में कोरोना पोजिटिव रोगी मिलने पर 100 मीटर के क्षेत्र को जीरो मोबिलिटी करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन संबंधित क्षेत्र में कर्मचारी तो दूर बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है.

नैनवां उपखंड में कोरोना संक्रमण को लेकर उपखंड प्रशासन गंभीर नहीं होने से कर्मचारी और अधिकारी की ओर से केवल मात्र कागजी खानापूर्ति कर इतिश्री की जा रही है, नैनवां उपखंड अधिकारी की ओर से देई कस्बे में घास का दरवाजा मोहल्ले में कोरोना पॉजिटिव रोगी मिलने पर उपखंड अधिकारी ने जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन जब संवाददाता मौके पर पहुंचा तो वहां हकीकत कुछ और नजर आई.

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जिस जगह को जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित किया गया था, वहां से रोजाना सैकड़ों लोगों और वाहनों की आवाजाही हो रही है, जो कहीं न कहीं कोरोना को लेकर उपखंड प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता हैं. वहीं देई कस्बे में जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित करने के बाद आदेश की पालना केवल कागजी खानापूर्ति करने से साफ नजर आता है. नैनवां उपखंड अधिकारी की ओर से जारी पॉजिटिव क्षेत्र में जीरो मोबिलिटी करने के आदेश जारी करने के बाद भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से आदेशों की पालना नहीं करना बड़ी लापरवाही को दर्शाता है.

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