जोधपुर. चूरू के रहने वाले युवक-युवती ने घर से भाग कर जोधपुर शहर के आर्य समाज मंदिर में विवाह तो कर लिया लेकिन अब युवती ने अपनी शादी को दबाव में होना बताया तो उच्च न्यायालय ने एक बार फिर से आत्म चिंतन के लिए नारी निकेतन भेजने के साथ निर्देश दिया कि वहा उसे किसी से ना मिलने दिया जाये. चूरू के खींवाराम ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करते हुए बताया कि उसने युवती के साथ आर्य समाज में शादी कर ली. लेकिन युवती के परिजनों ने युवती को बंधक बनाकर रखा है.
उच्च न्यायालय ने याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए चूरू पुलिस को निर्देश दिये थे कि युवती को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाये. मंगलवार को उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाहा की खंडपीठ के समक्ष युवती को पेश किया गया. युवती ने न्यायालय के समक्ष बताया कि उसने युवक से आर्य समाज में शादी कर ली थी लेकिन वो शादी दबाव में की गई है.
साथ ही न्यायालय के समक्ष एक याचिक जीवन की सुरक्षा के लिए भी एकलपीठ के समक्ष दायर कर रखी है. उच्च न्यायालय ने युवती को मुक्त वातावरण में चिंतन कर सके इसीलिए नारी निकेतन भेजने का निर्देश दिया है. वही 15 मई को याचिका पर अगली सुनवाई होगी.