जोधपुर. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार को एक संक्षिप्त यात्रा पर जोधपुर आए. प्रवास के दौरान उनके निवास पर जन सुनवाई के दौरान सैकड़ों लोग आए. इनमें जोधपुर निवासी धर्माराम भी आया जिसने परिवार सहित शेखावत को खुद के सकुशल पाकिस्तान से वापस भारत आने का जिक्र किया.
शेखावत ने बताया कि फरवरी में परिजनों ने उनसे संपर्क किया था कि धर्माराम अपने किसी रिश्तेदार से मिलने पाकिस्तान गया था जहां किसी अन्य शहर में जाने से पाकिस्तान पुलिस ने उसे डिटेन कर घुसपैठिया जासूस होने का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया. इस पर उन्होंने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संपर्क किया. उनसे कहा कि यह मेरे संसदीय क्षेत्र का युवक है. सुषमा स्वराज ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि धर्माराम को कुशल भारत लाऊंगी और उसके बाद उन्होंने प्रयास शुरू किए.
धर्माराम को पहले पाकिस्तान की जेल से छुड़ाया और उसके बाद वहां उसके लिए कानूनी सहायता भी उपलब्ध करवाई. इन सबप्रयासों से जुलाई के अंतिम दिनों में धर्माराम वापस लौटा था. धर्माराम ने बताया कि एक महीने तक पाकिस्तान की जेल में लगातार यातनाएं दी गई और उसे जासूस घुसपैठिया बनाने के लिए प्रयास किए गए. बाद में पाकिस्तान की एक अदालत ने उसे पैरोल पर छोड़ते हुए समय दिया कि वह अपने पक्ष में सबूत पेश करें.
उसके बाद भारतीय दूतावास ने उसकी मदद की. शेखावत का कहना था कि वे अब तक इस तरह के करीब 500 लोगों को दुनिया भर से वापस भारत लौट चुके हैं और उसमें सबसे बड़ी भूमिका पूर्व विदेश मंत्री भाजपा कि दिवंगत सुषमा स्वराज के रही है. इसके अलावा पूर्व विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह का सहयोग था.