जयपुर. करीब चार साल बाद 25 अप्रैल को हो रही राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) की तारीख को लेकर विवाद तेज हो गया है. जैन समाज के लोग 25 अप्रैल को महावीर जयंती होने के कारण परीक्षा तिथि बदलने की मांग कर रहे हैं. अब बेरोजगार संघ ने मांग की है कि रीट तय तारीख को ही आयोजित करवाई जाए.
दरअसल, इस साल रीट की विज्ञप्ति जारी होने से पहले ही दिसंबर 2020 में सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रीट 25 अप्रैल 2021 को करवाने की घोषणा की थी. इसके बाद नए साल में नोडल एजेंसी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इसकी विज्ञप्ति जारी की थी. इसके बाद से ही जैन समाज के लोग रीट की तारीख बदलने की मांग करने लगे.
जैन समाज के लोगों का कहना है कि 25 अप्रैल को महावीर स्वामी जयंती है, इसलिए इस परीक्षा की तारीख को बदलने की मांग की गई. अब यह मामला विधानसभा तक पहुंच गया है. विधानसभा में शुक्रवार को शून्यकाल में भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि रीट भर्ती परीक्षा 25 अप्रैल को है। इसी दिन जैन समाज का बड़ा पर्व महावीर जयंती है और सार्वजनिक अवकाश भी रहता है. इसलिए परीक्षा इससे पहले या बाद में करवाई जाए.
अब राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने पूर्व निर्धारित तारीख को ही रीट आयोजित करवाने की मांग उठाई है. महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि सामाजिक संगठनों के साथ ही कई विधायक भी रीट-2021 की परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. यह मांग उचित नहीं है और हम इसका विरोध करते हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से रीट का आयोजन तय तिथि यानि 25 अप्रैल को ही करवाने की मांग की है.
उपेन यादव का कहना है कि प्रदेश के 11 लाख बेरोजगार इंतजार कर रहे हैं. बड़े संघर्षों और लंबे इंतजार के बाद रीट की घोषणा हुई और यह विज्ञप्ति जारी हुई है, लेकिन बार बार परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि बेरोजगारों के लिए सबसे बड़ा त्योहार 25 अप्रैल को ही होगा, क्योंकि यह उनके भविष्य का मामला है. उनका कहना है कि यदि सरकार परीक्षा तिथि आगे बढ़ाती है, तो सरकार के इस फैसले का विरोध किया जाएगा.