जयपुर. शहर के शास्त्रीनगर स्थित साइंस पार्क में दो दिवसीय साहित्य उत्सव जेआईपीएल (जयपुर इंटरनेशनल पोएट्री लाइब्रेरी ) का आगाज हुआ. ऐसे में पहले दिन इस साहित्य उत्सव में साहित्य, संस्कृति और युवा विषय पर चर्चा हुई.
साइंस पार्क में जीआईपीएल साहित्य उत्सव में साहित्य, संस्कृति और युवा विषय पर एडवर्ड गुरु प्रवीण नाहटा, प्रसिद्ध ज्योतिष और संस्कृत विद्यालय के प्रोफेसर विनोद शास्त्री, समाजसेवी प्रमोद शर्मा, ऋषभ मिश्रा ने अपने-अपने विचार रखे.
प्रसिद्ध ज्योतिषी प्रोफेसर विनोद शास्त्री ने कहा कि आजकल लोगों की रुचि का पता नहीं कहां चली गई है. जहां साहित्यकार आते हैं, वहां लोगों की भीड़ नहीं होती लेकिन जहां अभिनेता या अभिनेत्री आते हैं तो वहां युवा खुद ही कह देते हैं कि हमे वहां जाना है. विनोद शास्त्री ने कहा कि युवाओं का जो हाल अभी है उसके लिए हम लोग भी दोषी हैं. विनोद शास्त्री ने कहा कि मन बुद्धि और शरीर सभ्यता है और आत्मा संस्कृति है.
समाजसेवी प्रमोद शर्मा ने कहा कि आप किसी चीज को तभी ले सकते है, जब आप में उसे लेने की बेचैनी हो. आज युवाओं के पास साधन कम है और वह फल जल्दी लेना चाहते हैं. साधनो को बढ़ाने के स्थान पर युवा फल जल्दी तोड़ना चाहते हैं. प्रमोद शर्मा ने राजनेताओं को लेकर कहा कि आज राजनेताओं ने हमे हर तरह से जकड़ रखा है, छोटे-छोटे कामों के लिए मंत्री को फोन कराना पड़ता है.
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वहीं इस समारोह में एड गुरु प्रवीण नाहटा ने कहा कि बच्चों में संस्कार नहीं है, यह हमारी गलती है माता-पिता दोनों कमाने में लग जाते हैं और बच्चा अकेला रह जाता है. इसलिए बच्चे में संस्कारों की कमी रह जाती है. आज बच्चों को संस्कार देना बहुत जरूरी है, लेकिन आज की पीढ़ी की सोच बन गई है कि पैसे आने चाहिए चाहिए बस, इसके कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. प्रवीण नाहटा ने कहा कि युवाओं में अपार शक्ति है, युवाओं से ही भारत बनेगा.