जयपुर. REET पेपर आउट (REET Paper Leak Case 2021) की आग शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड होते हुए अब राजीव गांधी स्टडी सेंटर तक पहुंच गई है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आज शनिवार को शिक्षा संकुल पर प्रदर्शन किया. इस दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री होशियार मीना ने कहा कि राजीव गांधी स्टडी सर्किल की आड़ में पेपर आउट का गिरोह चलाया (Allegation of ABVP in REET Paper Leak Case 2021) जा रहा है. इस स्टडी सर्किल के जिला और संभाग संयोजकों को REET के आयोजन के लिए बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं.
होशियार मीना ने उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री सुभाष गर्ग पर हमला (ABVP targets cm ashok Gehlot) बोला और कहा कि बिना सीबीआई जांच के इस मामले की पूरी परतें खुलना संभव नहीं है. इसलिए सीबीआई जांच से ही राजस्थान के बेरोजगारों को न्याय मिल पाएगा. होशियार मीना का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली को राजीव गांधी स्टडी सर्किल का सदस्य मनोनीत किया गया है. जिन प्रदीप पाराशर और आरके मीना का नाम REET पेपर आउट में आ रहा है. वह भी राजीव गांधी स्टडी सर्किल में शामिल हैं.
उन्होंने मंत्री सुभाष गर्ग पर हमला करते हुए कहा कि 2011 में आरटेट का आयोजन हुआ था. तब भी बड़े पैमाने पर पेपर आउट के मामले सामने आए थे. तब भी सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर छपवाए गए थे. अब REET-2021 में भी इसी प्रिंटिंग प्रेस से पर्चे छपवाए गए हैं. आखिर क्या मजबूरी रही कि पहले जिस प्रेस पर आरोप लगे उसे ही REET-2021 के पेपर छापने का काम दिया गया. ऐसे कई सवाल हैं. जिनका जवाब एसओजी की जांच में सामने आना संभव नहीं है. इसलिए इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.
जोधपुर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जोधपुर महानगर ने आज जोधपुर में कलेक्ट्रेट पर रीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाने व मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के पूर्वसूचना के चलते पुलिस ने कलेक्ट्रेट के बाहर भारी जाप्ता लगाया. प्रदर्शकारियों केा गेट के बाहर ही रोक दिया. जिसके चलते काफी देर तक गहमा गहमी बनी रही. कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
अलवर में भी किया प्रदर्शनः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से अलवर में जमकर हंगामा किया गया. पेपर लीक करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई. विद्यार्थी परिषद ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि पेपर लीक प्रक्रिया में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठानी चाहिए. पेपर लीक संबंधित कानूनों में बदलाव सरकार को करने चाहिए. इन सभी पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए.