जयपुर: राजधानी के करधनी थाना इलाके में ससुराल वालों से लगातार मिल रही धमकियों (Tortured By Constant Threats) से परेशान होकर एक युवक ने सुसाइड (Young Man Suicide) कर लिया. एक चिट्ठी छोड़ी जिसमें खुदकुशी की वजह लिखी. पुलिस ने सुसाइड नोट भी मौके से रामद किया, लेकिन इसके केस दर्ज नहीं किया.
मामले के डेढ़ महीने बाद तक सिलसिला जारी रहा. परिजन गुहार लगाते रहे और उन्हें अनसुना किया जाता रहा. थक हार कर मृतक के परिजनों ने कोर्ट (Court) का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट की दखलंदाजी के बाद करधनी थाने में मृतक के ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया.
पीड़ित परिवार ने नामजद रिपोर्ट कराई दर्ज
इस संबंध में मृतक के पिता नरेंद्र सिंह ने दिल्ली निवासी मनीषा, हितेंद्र सिंह, रागिनी, अभिषेक और रितिक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. बताया कि आत्महत्या करने वाले अमन सिंह की शादी मनीषा से नई दिल्ली में वर्ष 2019 में संपन्न हुई थी. उसके बाद से ही मनीषा और उसके परिवार के लोग अमन को दिल्ली में उनके साथ आकर रहने के लिए दबाव बनाने लगे. साथ ही जयपुर की पैतृक संपत्ति को बेच कर दिल्ली शिफ्ट हो जाने की बात कहने लगे.
ससुराल वालों को कहा न तो बिगड़ी बात
आरोप है कि जब अमन ने इस बात का विरोध किया तो ससुराल पक्ष ने उसे धमकाना शुरू कर दिया.उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवा कर कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर रुपयों की मांग करने लगे. जिससे परेशान होकर 18 अगस्त को अमन ने कमरा बंद कर पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या (Tortured By Constant Threats) कर ली.
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सुसाइड नोट में लिखा- पत्नी के लिए दे रहा हूं जान
अमन ने एक सुसाइड नोट (Suicide Note) लिखा. जिसमें उसने लिखा कि वह सिर्फ अपने ससुराल वालों के चलते आत्महत्या (Suicide) कर रहा है. उसकी पत्नी सिर्फ अपने पापा की बात मानती है और वह सिर्फ अपनी पत्नी के लिए अपनी जान दे रहा है. गुजारिश की कि मरने के बाद उसके मां-बाप को कोई परेशान ना करे.
पुलिस का रवैया बेहद खराब
सुसाइड नोट (Young Man Suicide) बरामद होने के बाद भी पुलिस ने मृतक के ससुराल पक्ष वालों के खिलाफ किसी भी तरह का कोई मामला दर्ज नहीं किया. आरोप है कि मृतक का ससुराल पक्ष उसके घर आकर मां-बाप को सुसाइड नोट उन्हें सौंपने की बात कहता रहा. साथ ही नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी देता रहा. जिसे लेकर मृतक के परिजनों ने रोज करधनी थाने के चक्कर लगाए लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस (Jaipur Police) ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की. अंत में कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद करधनी थाने में पीड़ित की शिकायत दर्ज की गई.