भीलवाड़ा. शहर के हरणई महादेव रोड पर ऋष्य श्रृंग संस्थान की ओर से रविवार को दसवां आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन हुआ. इस सम्मेलन में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों के 17 वर-वधू परिणय सूत्र में बंधे.
ऋष्य श्रृंग संस्थान की ओर से इस दसवें सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्लास्टिक मुक्ति और पर्यावरण बचाने के लिए ईटीवी भारत की पहल का अनुसरण किया गया. वर-वधू की ओर से संस्थान परिसर में आम का पेड़ लगाया गया. साथ ही वर-वधू के जीवन रक्षा के लिए संस्था की ओर से हेलमेट वितरण किया गया.
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विवाह सम्मेलन के आयोजन को लेकर विवाह समिति की पहल के बाद रविवार को शहर के मुख्य मार्गों में वर-वधू की बिंदोरी निकाली गई. तोरण की परंपरा के बाद वर-वधू के फेरे का आयोजन हुआ. इस दौरान भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधायक गोपाल लाल खंडेलवाल मौजूद थे. वहीं, संस्था की ओर से वर-वधू को जीवन रक्षा के लिए हेलमेट वितरण करते हुए संस्था परिसर में सभी वर-वधू की ओर से 17 आम के पौधे लगाए गए.
ऋष्य श्रृंग संस्थान के सचिव हीरालाल पांड्या ने ईटीवी भारत से खास बातचीत कर बताया, कि रविवार को 17 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे हैं. उन्होंने बताया, कि इस विवाह सम्मेलन में हमने पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा है. भोजन में किसी तरह के प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया है.
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सचिव हीरालाल पांड्या ने बताया, कि ईटीवी भारत की पहल के बाद हमने प्लास्टिक मुक्ति की है और समारोह में किसी प्रकार के प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया है. उन्होंने बताया, कि साथ ही हर वर-वधू से एक-एक पौधारोपण करवाया गया है, जिसकी देखभाल भी वर-वधू ही करेंगे.
वहीं, विवाह समारोह के संयोजक प्रह्लाद तिवारी ने कहा, कि प्लास्टिक मुक्त, पर्यावरण संरक्षण और जीवन रक्षा के संदेश सम्मेलन में सभी जोड़ों को दे रहे हैं. प्लास्टिक मुक्ति के लिए समारोह स्थल पर भोजन में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जा रहा है. उन्होंने बताया, कि जीवन रक्षा के लिए संस्थान की ओर से वर-वधू को एक-एक हेलमेट दिया गया है.