अजमेर. जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चौथे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए मतदान 5 दिसंबर को अराई और किशनगढ़ की कुल 55 ग्राम पंचायतों में 296 बूथ मतदान के लिए बनाए गए हैं. पंचायत राज के अंतिम चरण के चुनाव में 2 लाख 16 हजार मतदाता मताधिकार का उपयोग करेंगे. पॉलिटेक्निकल कॉलेज से 4 दिसंबर को अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दल को मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा.
अजमेर में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए मतदान की तैयारी जारी है. जिला निर्वाचन विभाग तैयारियों को अंजाम देने में जुटा हुआ है. प्रथम द्वितीय और तृतीय चरण में कम मतदान होने से जहां राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के पसीने छूटे हुए हैं. वहीं, मतदान कम रहने से अब जिला निर्वाचन विभाग भी मतदाताओं को अंतिम चरण के चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करने की अपील कर रहा है.
सहायक निर्वाचन अधिकारी कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि मतदान के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर ली गई है. 4 दिसंबर को पॉलिटेक्निकल कॉलेज से मतदान दल को चुनाव सामग्री के साथ रवाना किया जाएगा. कोरोना महामारी को देखते हुए मतदान दलों को मतदान केंद्रों पर ही ग्लब्ज, सैनिटाइजर और मास्क का वितरण किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि समस्त मतदान दलों को कोरोना गाइडलाइन की पालना करने के निर्देश दिए गए हैं. बता दें कि पंचायत समिति सदस्यों के लिए अराई में 17 वार्ड और किशनगढ़ में 19 वार्ड है. जबकि जिला परिषद सदस्य के लिए 8 वार्ड के लिए मतदान होने हैं. उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुरक्षा के बंदोबस्त कर लिए गए हैं.
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क्षेत्र की सियासत पर गौर करें तो कांग्रेस के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया और वर्तमान निर्दलीय विधायक सुरेश टांक की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. दरअसल, दोनों ही नेता ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए प्रत्याशियों के साथ लगे हुए है. वहीं, भाजपा की बात करें तो अजमेर लोकसभा सांसद भागीरथ चौधरी का किशनगढ़ गृह क्षेत्र है.
चौधरी चौधरी खुद पंचायत राज चुनाव में भाजपा के प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं. इसके अलावा किशनगढ़ से विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी रहे विकास चौधरी अपनी ढीली पकड़ को मजबूत करने में लगे हुए हैं. यू कहे कि इन पंचायत राज चुनाव में प्रत्याशियों की मशक्कत नहीं हो रही है, बल्कि कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी प्रत्याशियों की हार-जीत के साथ जुड़ गई है.