अजमेर. बजरी से भरे डंपरों को गुजारने की एवज में अवैध वसूली प्रकरण में फरार पीपलू थाना प्रभारी विजेंद्र गिल ने करीब 4 महीने बाद अजमेर एसीबी न्यायालय में सरेंडर कर दिया है. इस मामले की सूचना पर अजमेर एसीबी चौकी ने विजेंद्र गिल को गिरफ्तार किया. जिन्हें पूछताछ के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
अजमेर एसीबी एएसपी सीपी शर्मा ने बताया कि 15 मई को परिवादी रामप्रसाद गुर्जर ने पीपलू थाना पुलिस पर बजरी के ट्रकों को गुजारने की एवज में प्रतिदिन 3 हजार की वसूली करने का आरोप लगाया था. इन आरोपों की जांच करने के बाद एसीबी ने इस मामले में कांस्टेबल कैलाश व दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनके पास से 1 लाख 46 हजार बरामद किए गए थे. पुलिस ने इस मामले में गहनता से पूछताछ की तो इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी विजेंद्र गिल के भी शामिल होने की भी जानकारी मिली. जिसकी सूचना मिलने पर विजेंद्र गिल मौके से फरार हो गए थे.
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इस दौरान एसीबी ने विजेंद्र गिल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करवाए और विजेंद्र गिल अदालत के चक्कर काटते हुए जमानत याचिका के लिए हाईकोर्ट के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उन्हें सरेंडर होने को कहा गया. इस पर उन्होंने करीब 4 महीने बाद अजमेर एसीबी में सरेंडर कर दिया. एसीबी अब आरोपी थाना प्रभारी विजेंद्र गिल से भी पूछताछ करने में जुटी है. आखिर इस मामले में और कौन-कौन लिप्त है और इसके बाद एसीबी गिल को पूछताछ के बाद शनिवार को फिर से कोर्ट में पेश करेगी.