नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले में इस बार किसानों का रूझान धान की फसल की तरफ बढ़ा है, इसके लिए किसानों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. लगभग 40 से 45 फीसदी किसानों ने धान की फसल की नर्सरी तैयार कर ली है, लेकिन मानसून ना आने से किसान बेहद परेशान हैं. अब नर्सरी को खेतों में लगाने का समय आ गया है, लेकिन बारिश ना होने से किसानों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है. जिन किसानों के पास कृत्रिम साधन हैं वे जैसे-तैसे धान की फसल को खेतों में लगा रहे हैं, लेकिन धान की फसल के लिए बारिश का पानी सबसे ज्यादा उपयोगी होता है, जिससे पैदावार अधिक होती है. जिससे पैदावार अधिक होती है.
इस बार नरसिंहपुर जिले में धान की फसल लगाने का रुझान किसानों को देखने को मिला है और किसानों ने इसके लिए धान की फसल की नर्सरी भी बेहतर तरीके से तैयार की है, लेकिन किसानों के लिए मानसून ना आना एक चुनौती बना हुआ है. बारिश का पानी ही धान की फसल के लिए बेहद उपयोगी और लाभदायक रहता है, जिससे उसकी उत्पादकता बढ़ती है, लेकिन बारिश की लेटलतीफी के कारण अब किसान कृत्रिम साधनों से खेतों में पानी भर रहा है और धान की फसल लगा रहा है.
मानसून के इंतजार में किसान
धान की फसल लगाने वाले किसानों का कहना है कि धान के लिए बरसात का पानी ही सबसे ज्यादा लाभदायक रहता है, जिससे फसल अच्छी बनती है और उत्पादकता बेहतर होती है, लेकिन बारिश ना होने से अब नर्सरी भी खराब होने लगी है, जिसके कारण हमें मजबूरन खेतों में पानी भरकर धान की फसल लगानी पड़ रही है.