भोपाल। सीएम हाउस पर एक बार फिर विधायक दल की बैठक हुई, जिसके लिए कांग्रेस विधायक सीएम हाउस पहुंचे. इस बैठक में कमलनाथ सभी विधायकों से वन टू वन किया और आने वाली परिस्थितियों को लेकर विधायकों को अपने पक्ष में भरोसा दिलाने की कोशिश किया, जिससे आगे आने वाली स्थिती कांग्रेस के लिए अनुकूल बनाई जा सके.
विधायक दल की बैठक को खत्म होने से पहले निकले मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकार रहना चाहिए संविधान की रक्षा होना चाहिए. तरुण भनोत ने प्रदेश में हो रही नियुक्तियों पर उठ रहे सवाल पर जवाब दिया और इसे मुख्यमंत्री का अधिकार बताया.
बैठक से बाहर निकले गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा बहुत जल्द आप लोगों को हमारी रणनीति पता चल जाएगी, पूरा मामला कोर्ट में हम सबको पता है. सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला करेगा वह हम सबको मान्य होगा. बीजेपी के राज्यपाल को लिखे पत्र के बारे में कहा कि वो अपना काम कर रहे हैं और हम अपना. वक्त आने दीजिए हम अल्पमत में है या बहुमत में, ये साबित हो जाएगा. वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के नामांकन के सवाल पर गृहमंत्री ने चुप्पी साध ली.
बैठक में शामिल होने पहुंचे पूर्व मख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की बात कही.
निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने कहा की अभी सिर्फ कानूनी कार्रवाई पर चर्चा हुई है. कल सुप्रीम कोर्ट क्या निर्देश देता उसके बाद हम आगे की कार्यवाही करेंगे. बेंगलुरु से कांग्रेस के विधायकों को वापस लाने के सवाल पर उन्कहोंने कहा की उसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, उन सभी विधायकों को यहां फ्री होकर आना चाहिए.
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में मैं नहीं था मैं बाहर बैठा था. प्रदेश में बहुमत की सरकार है. बीजेपी ने विधायकों को बंधक बनाकर रखा है. विधायकों की केंद्रीय सुरक्षा की मांग पर उन्रहोंने कहा की विधायक प्रदेश के हैं.
विधायक दल बैठक में शामिल होने पहुंचे मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कहा कि राज्यसभा के 3 सदस्यों को चुनना है. प्रत्याशी ज्यादा है तो चुनाव होंगे. वहीं उन्होंने बीजेपी की नियुक्तियों की आपत्ति पर कहा कि अल्पमत में होती तो राज्यपाल अभिभाषण नहीं देते, नियुक्तियां अवैध कैसे हुई हमें पूरा अधिकार है नियुक्तियां करने का.