भोपाल। भारतीय वायुसेना के बेड़े में जल्द 5 राफेल लड़ाकू विमान शामिल हो जाएंगे. करीब सात हजार किलोमीटर की दूरी तय कर बुधवार को राफेल अंबाला वायुसेना के अड्डे पर पहुंचेगा. वायुसेना के लिए ये 5 विमान बूस्टर का काम करेंगे क्योंकि पिछले दो दशक से कोई नया लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल नहीं हुआ है. सोमवार को राफेल ने फ्रांस के एयरबेस से उड़ान भरी थी, इस दौरान मध्यप्रदेश के हरदा निवासी नमन उपाध्याय भी इसके साक्षी बने.
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लड़ाकू विमान राफेल ने सोमवार को जब फ्रांस से उड़ान भरी तो मध्यप्रदेश के हरदा शहर के मूल निवासी नमन उपाध्याय भी एयरबेस पर मौजूद रहे, नमन भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं और फिलहाल फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास में सेकंड सेक्रेट्री के पद पर तैनात हैं. वे राफेल के फ्रांस से भारत रवाना होने के गौरवमयी पल के गवाह बने. नमन उपाध्याय भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2016 बैच के अधिकारी हैं. नमन 2019 में राफेल सौंपने के वक्त भी मौजूद थे. जब भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस गए थे.
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भारत फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है, जिसकी पहली खेप के तहत 5 लड़ाकू विमान 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने वाले हैं. विमानों के आगमन को लेकर अंबाला कैंट एरिया में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. एयर बेस के 3 किलोमीटर के दायरे के अंदर किसी भी तरह की वीडियोग्राफी या फिर ड्रोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा है. अंबाला पुलिस को भी कैंट एरिया में ट्रैफिक मैनेज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.