भोपाल। "एक्शन स्पीक लाउडर देन वर्ड्स" अंग्रेजी की इस कहावत को हकीकत में उतार रहे हैं सीएम डॉ. मोहन यादव. जनता की अपेक्षाओं और पार्टी की संभावनाओं का पहाड़ अपनी पीठ पर लिए मोहन यादव उस लीक पर चल रहे हैं जहां अपने काम को गाया नहीं फैसलों के साथ बताया जाता है. तो हर घड़ी वो बता रहे हैं कि बीजेपी की पिछली सरकारों से वो अलग हैं, उनके काम का ढंग अलग है. गुना हादसे में एक झटके में परिवहन आयुक्त तक की छुट्टी कर देने के साथ अब बदजुबानी पर शाजापुर कलेक्टर को नाप देने का फैसला डॉ. मोहन यादव को बीजेपी के पिछले मुख्यमंत्रियों की छाया से बाहर निकाल रहा है. ये बता रहा है कि मोहन यादव एक्शन से अपनी नई इमेज बनाएंगे.
एक्शन एक संदेश अनेक... : सरकार में ब्यूरोक्रेसी पर एक्शन इसी अंदाज में लिए जाते हैं कि उनकी धमक दूर तक और देर तक जाए. जो पिछली बीजेपी की सरकारों पर जब ये आरोप लगते रहे कि ब्यूरोक्रेसी ही सरकार चला रही है, तो डॉ. मोहन यादव ने शुरुआती फैसलों से ही बता दिया कि पानी सर से ऊपर नहीं जाने देंगे. बल्कि वो नौबत आने के बहुत पहले ही नाप दिए गए अधिकारी.
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ताजा शाजापुर का एक्शन ही ले लीजिए, सीएम मोहन यादव ने बता दिया कि शाजापुर कलेक्टर किशोर सान्याल एक प्रतीक मात्र हैं. जनता के बीच काम करने वाले अधिकारियों की भाषा में ऐसी अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बाकी मोहन यादव के इस एक्शन के रिएक्शन होने तय हैं. मोहन यादव का एक पंक्ति में बड़ा संदेश है अधिकारी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखें.
गुना मामले में भी एक्शन में देर नहीं : इसके पहले गुना में हुए बस हादसे में भी मोहन यादव ने देरी नहीं की थी और गुना कलेक्टर एसपी के साथ परिवहन आयुक्त संजय झा को भी हटाने का तत्काल फैसला लिया था. यहां तक की प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को भी परिवहन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हटा लिया था. यानि इस एक्शन के साथ उन्होंने बता दिया कि लापरवाही की तो एक्शन में भी देर नहीं होगी.