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बेजुबानों पर भी आफत बनकर टूट रही बारिश, नदी के बीचों बीच फंसा हाथी, देखें Video - Elephant trapped in Haldwani Gaula river

भारी बारिश से प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं, गौला नदी के जलस्तर बढ़ने से एक हाथी बीच में ही फंस गया. सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है.

elephant struck in river
नदी में फंसा हाथी
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Published : Oct 19, 2021, 1:22 PM IST

हल्द्वानी/भोपाल। प्रदेश में भारी बारिश इंसान ही नहीं जंगली जानवरों पर आफत बनकर टूट रही है. गौला नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में खतरे की स्थिति बन गई है. वहीं, गौला नदी के जलस्तर बढ़ने से एक हाथी नदी के बीच में ही फंस गया. सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है.

नदी में फंसा हाथी.

गौर हो कि भारी बारिश से प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. गौला नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी के बहाव से जहां लोगों के खेत की भूमि की कटान शुरू हो गया है. वहीं, कई घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है. साल 1993 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि गौल नदी में 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. ऐसे में देवरामपुर के पास नदी के एक टीले पर हाथी फंस गया.

पढ़ें-हल्द्वानी में बारिश का कहर, गौला पुल क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का कटा संपर्क

नदी के दोनों और तेज बहाव होने के चलते हाथी रात से नदी में फंसा हुआ है. सुबह ग्रामीणों ने हाथी को नदी में फंसा देख वन विभाग को इसकी सूचना दिया. वहीं, तराई पूर्वी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि ग्रामीणों ने हाथी फंसे होने की सूचना विभाग को दी है. विभाग द्वारा हाथी के रेस्क्यू करने का काम किया जा रहा है. नदी में अधिक पानी होने के चलते रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है. पानी कम होने के बाद संभवत: हाथी अपने आप ही जंगल की ओर चला जाएगा.

हल्द्वानी/भोपाल। प्रदेश में भारी बारिश इंसान ही नहीं जंगली जानवरों पर आफत बनकर टूट रही है. गौला नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में खतरे की स्थिति बन गई है. वहीं, गौला नदी के जलस्तर बढ़ने से एक हाथी नदी के बीच में ही फंस गया. सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है.

नदी में फंसा हाथी.

गौर हो कि भारी बारिश से प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. गौला नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी के बहाव से जहां लोगों के खेत की भूमि की कटान शुरू हो गया है. वहीं, कई घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है. साल 1993 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि गौल नदी में 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. ऐसे में देवरामपुर के पास नदी के एक टीले पर हाथी फंस गया.

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नदी के दोनों और तेज बहाव होने के चलते हाथी रात से नदी में फंसा हुआ है. सुबह ग्रामीणों ने हाथी को नदी में फंसा देख वन विभाग को इसकी सूचना दिया. वहीं, तराई पूर्वी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि ग्रामीणों ने हाथी फंसे होने की सूचना विभाग को दी है. विभाग द्वारा हाथी के रेस्क्यू करने का काम किया जा रहा है. नदी में अधिक पानी होने के चलते रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है. पानी कम होने के बाद संभवत: हाथी अपने आप ही जंगल की ओर चला जाएगा.

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