भोपाल। लोधी समाज को लेकर दिए गए बयान के बाद मचे सियासी तूफान के बीच उमा भारती ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि आखिरकार उन्होंने यह बयान क्यों दिया था. हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर लिख दिया कि वह अपने बयान का खंडन नहीं कर रही हैं. ऐसा कम ही होता है कि उमा भारती कुछ कहें और उस पर बवाल ना हो. फिर उस बयान पर उमा भारती की सफाई ना आए. जाहिर है इसके बाद उमा भारती की सफाई भी आनी थी, आई भी. उमा भारती ने ट्वीट कर लिखा कि लोधी समाज के कार्यक्रम में उन्होंने जो भाषण दिया था उस पर खंडन की जरुरत नहीं, लेकिन ये जानना जरुरी है कि, ऐसा क्यों कहा.
कार्यक्रम में ऐसा क्यों बोलीं उमा: उमा भारती ने स्पष्ट किया है कि, लोधी समाज के कार्यक्रम में जो उन्होंने समाज को किसी भी सियासी दल से मुक्त होने के लिए कहा वो इसलिए कि, 2018 के विधानसभा चुनाव में कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मेरी सभा से पहले लोधी समाज के फोन ऑफिस पर पहुंचे थे, और कहा था कि दीदी की सभा रद्द कर दीजिए. हम यहां के बीजेपी के उम्मीदवार से नाराज हैं. उसी के जवाब में मैने ऐसा बोला.
कैबिनेट में जाति क्षेत्र का संतुलन नहीं: उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा कि, ये बात वे पहले भी कह चुकी हैं. उन्होंने कहा कि याद कीजिए जब कांग्रेस का एक समूह हमारे साथ टूटकर आ गया था. जब उसके साहारे हमने सरकार का गठन किया था और जो मंत्रि मण्डल बना था तब भी मैनेसार्वनिजक तौर पर बयान दया था कि मंत्रि मण्डल में जाति और क्षेत्र का संतुलन नहीं है.
उमा की खरी खरी कांग्रेस बीच में ना बोले: उमा ने कहा कि, कांग्रेस को हमारे बीच में आने की जरुरत नहीं है. मुझे भाजपा साइडलाइन नहीं करती है. मेरी अपनी एक सीधी लाइन है. मैं उसी पर चलती हूं. स्वयं मोक्ष जगत का कल्याण. उमा ने ट्वीट के जरिए दोहराया कि, मोदी मेरे नेता हैं. बीजेपी मेरी पार्टी है. मैनें कभी बीजेपी नहीं छोड़ी. मुझे निकाला गया था. तब मैनें अपने कर्तव्य पथ पर चलते रहने के लए राष्ट्रवादी विचार की धाराप्रवाह में ही अपना दल बनाया था.
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उमा भारती के इस बयान से उठा बवाल: बीते दिनों उमा भारती ने लोधी समाज के एक कार्यक्रम में ये बयान दिया था. उमा भारती ने लोधी समाज के इस कार्यक्रम में कहा था कि, मैं अपनी पार्टी के मंच पर जब आऊंगी तो लोगों के लिए वोट भी मांगूगीं, लेकिन मैं ये कभी नहीं कहती कि लोधियों बीजेपी को वोट करो. मैं तो सबको ये कहती हूं कि तुम बीजेपी को वोट करो इसलिए कहती हूं क्योंकि मैं बीजेपी की निष्ठावान सिपाही हूं, लेकिन मैं आपसे नहीं कहती कि आप पार्टी के निष्ठावान सिपाही रहो. आप अपना हित देखिए. उमा ने कहा था कि आप प्यार के बंधन में बंधे हैं, लेकिन राजनीति के बंधन से आप आजाद हैं. मेरी सभा के बाद आपको पट्टे में लिख दिया गया ये मैं नहीं कर सकती. आप उसे ही वोट करें जिसने आपका सम्मान रखा हो. आपका उचित ध्यान रखा हो. उमा भारती का ये बयान प्रीतम लोधी के निष्कासन से भी जोड़कर देखा जा रहा है.