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Bandhavgarh National Park: नन्हे मेहमान का आगमन, जानिए ये कौन है - पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री

बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) में मशहूर हथिनी अनारकली ने मादा हाथी "गायत्री" को जन्म दिया है. "गायत्री" पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है.

In Bandhavgarh National Park Umaria elephant Anarkali  gave birth to a female elephant
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में मशहूर हथिनी अनारकली ने मादा हाथी को दिया जन्म
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Published : Oct 4, 2021, 7:31 AM IST

Updated : Oct 4, 2021, 7:40 AM IST

भोपाल। उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) में गांधी जयंती 2 अक्टूबर के दिन एक नन्हे मेहमान का आगमन हुआ. यहां की मशहूर हथिनी अनारकली ने मादा हाथी को जन्म दिया है.

नन्हे मेहमान का नाम "गायत्री" रखा गया

बांधवगढ़ नेशनल पार्क में आया नन्हा मेहमान पूरी तरह से स्वस्थ है. पार्क प्रबंधन ने नवजात मादा हाथी का नाम "गायत्री" रखा है. नेशनल पार्क में नये मेहमान के आने पर वन्य-जीव प्रेमियों ने खुशी जताई है.

अनारकली हथिनी का इतिहास

बांधवगढ़ नेशनल पार्क की 57 वर्षीय अनारकली हथिनी अब तक 8 बच्चों को जन्म दे चुकी है, इनमें से 4 सलामत हैं और 4 की पहले मृत्यु हो चुकी है. अनारकली हथिनी को वर्ष 1978-79 में सोनपुर मेला बिहार से क्रय कर बांधवगढ़ लाया गया था. नेशनल पार्क के अंदर वन्य एवं वन्य-जीवों के रेस्क्यू ऑपरेशन में अनारकली का विशेष योगदान रहा है. नेशनल पार्क में वर्तमान में 14 हाथी हैं, जिनका वन एवं वन्य-जीव प्रबंधन में बड़ा योगदान है. यहां पर्यटक हाथी पर सवार होकर नेशनल पार्क के वन क्षेत्र और जीव-जन्तुओं का अवलोकन कर पर्यटन का आंनद भी लेते हैं. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जन्म-दिन के मौके पर जन्मी मादा हाथी शावक "गायत्री" पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगी.

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बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व घूमने जा रहे हैं, तो ये भी जान लें

जिले के विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में भ्रमण करने के लिये सैलानियों को अब दोगुनी कीमत चुकानी होगी, सरकार ने इसमे भी बैकडोर उपाय का इस्तेमाल किया है, मतलब महीने में लगभग आधे दिनों को प्रीमियम दिवस घोषित कर दिया गया है.

Bandhavgarh National Park
विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में बाघों का समूह

पार्क में वाहनों से घूमना हुआ महंगा

इन दिनों में कोर क्षेत्र में पर्यटन के लिए वाहनों को अनुज्ञा पत्र शुल्क 1500 की बजाय अब 3000 रूपये और सिंगल सीट का 500 की बजाय 1000 रूपये शुल्क जमा करना होगा, जबकि विदेशी पर्यटकों से इसी कार्य का 6000 और 1000 रूपये वसूला जायेगा, यह आदेश अक्टूबर 2021 से शुरू होने वाले आगामी सत्र से लागू हो जायेगा, स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार के इस निर्णय से स्वदेशी पर्यटकों पर भारी बोझ पड़ेगा.

जारी किया गया चार्ट

इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी मध्यप्रदेश द्वारा बाकायदा पूरा एक चार्ट ही जारी कर दिया गया है, जिसमें अक्टूबर 2021 से जून 2022 तक चलने वाले पर्यटन सत्र के प्रत्येक महीने में पृथक-पृथक प्रीमियम दिनों का उल्लेख है. बताया गया है कि इन दिनों में कोर क्षेत्र में भ्रमण करने वाले सैलानियों को दोगुनी फीस देनी होगी, जबकि अन्य दिनों में पार्क प्रवेश पर शुल्क पहले जैसा रहेगा.

जानिए, कहां मिली हाथियों को एक सप्ताह की छुट्टी

ये होंगे प्रीमियम दिवस

प्रधान मुख्य वन संरक्षक के जारी पत्र के अनुसार अक्टूबर में 2, 3, 9 से 17, 23, 24, 30, 31, नवम्बर में 1 से 7, 13,14, 20, 21, 27, 28, दिसम्बर में 4, 5, 11, 12, 18 से 31, जनवरी में 1 से 9, 15, 16, 22, 23, 29, 30, फरवरी में 5, 6, 12, 13, 19, 20, 26, 27, मार्च में 5, 6, 12 से 20, 26, 27, अप्रैल में 2, 3, 9, 10 16, 17, 23, 24, 30, मई में 1, 7, 8, 14, 15, 21, 22, 28, 29 और जून में 4, 5, 11, 12, 18, 19, 25 के साथ 26 तारीख प्रीमियम दिवस घोषित किये गये हैं.

भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद

बांधवगढ़ की अपेक्षा प्रदेश के अन्य टाईगर रिजर्व और पार्कों में पर्यटन शुल्क काफी ज्यादा है, नये आदेश का उद्देश्य कोरोना काल में सैलानियों की भीड़ को नियंत्रित करना है, साथ ही इससे शासन को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.

भोपाल। उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) में गांधी जयंती 2 अक्टूबर के दिन एक नन्हे मेहमान का आगमन हुआ. यहां की मशहूर हथिनी अनारकली ने मादा हाथी को जन्म दिया है.

नन्हे मेहमान का नाम "गायत्री" रखा गया

बांधवगढ़ नेशनल पार्क में आया नन्हा मेहमान पूरी तरह से स्वस्थ है. पार्क प्रबंधन ने नवजात मादा हाथी का नाम "गायत्री" रखा है. नेशनल पार्क में नये मेहमान के आने पर वन्य-जीव प्रेमियों ने खुशी जताई है.

अनारकली हथिनी का इतिहास

बांधवगढ़ नेशनल पार्क की 57 वर्षीय अनारकली हथिनी अब तक 8 बच्चों को जन्म दे चुकी है, इनमें से 4 सलामत हैं और 4 की पहले मृत्यु हो चुकी है. अनारकली हथिनी को वर्ष 1978-79 में सोनपुर मेला बिहार से क्रय कर बांधवगढ़ लाया गया था. नेशनल पार्क के अंदर वन्य एवं वन्य-जीवों के रेस्क्यू ऑपरेशन में अनारकली का विशेष योगदान रहा है. नेशनल पार्क में वर्तमान में 14 हाथी हैं, जिनका वन एवं वन्य-जीव प्रबंधन में बड़ा योगदान है. यहां पर्यटक हाथी पर सवार होकर नेशनल पार्क के वन क्षेत्र और जीव-जन्तुओं का अवलोकन कर पर्यटन का आंनद भी लेते हैं. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जन्म-दिन के मौके पर जन्मी मादा हाथी शावक "गायत्री" पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगी.

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बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व घूमने जा रहे हैं, तो ये भी जान लें

जिले के विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में भ्रमण करने के लिये सैलानियों को अब दोगुनी कीमत चुकानी होगी, सरकार ने इसमे भी बैकडोर उपाय का इस्तेमाल किया है, मतलब महीने में लगभग आधे दिनों को प्रीमियम दिवस घोषित कर दिया गया है.

Bandhavgarh National Park
विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में बाघों का समूह

पार्क में वाहनों से घूमना हुआ महंगा

इन दिनों में कोर क्षेत्र में पर्यटन के लिए वाहनों को अनुज्ञा पत्र शुल्क 1500 की बजाय अब 3000 रूपये और सिंगल सीट का 500 की बजाय 1000 रूपये शुल्क जमा करना होगा, जबकि विदेशी पर्यटकों से इसी कार्य का 6000 और 1000 रूपये वसूला जायेगा, यह आदेश अक्टूबर 2021 से शुरू होने वाले आगामी सत्र से लागू हो जायेगा, स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार के इस निर्णय से स्वदेशी पर्यटकों पर भारी बोझ पड़ेगा.

जारी किया गया चार्ट

इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी मध्यप्रदेश द्वारा बाकायदा पूरा एक चार्ट ही जारी कर दिया गया है, जिसमें अक्टूबर 2021 से जून 2022 तक चलने वाले पर्यटन सत्र के प्रत्येक महीने में पृथक-पृथक प्रीमियम दिनों का उल्लेख है. बताया गया है कि इन दिनों में कोर क्षेत्र में भ्रमण करने वाले सैलानियों को दोगुनी फीस देनी होगी, जबकि अन्य दिनों में पार्क प्रवेश पर शुल्क पहले जैसा रहेगा.

जानिए, कहां मिली हाथियों को एक सप्ताह की छुट्टी

ये होंगे प्रीमियम दिवस

प्रधान मुख्य वन संरक्षक के जारी पत्र के अनुसार अक्टूबर में 2, 3, 9 से 17, 23, 24, 30, 31, नवम्बर में 1 से 7, 13,14, 20, 21, 27, 28, दिसम्बर में 4, 5, 11, 12, 18 से 31, जनवरी में 1 से 9, 15, 16, 22, 23, 29, 30, फरवरी में 5, 6, 12, 13, 19, 20, 26, 27, मार्च में 5, 6, 12 से 20, 26, 27, अप्रैल में 2, 3, 9, 10 16, 17, 23, 24, 30, मई में 1, 7, 8, 14, 15, 21, 22, 28, 29 और जून में 4, 5, 11, 12, 18, 19, 25 के साथ 26 तारीख प्रीमियम दिवस घोषित किये गये हैं.

भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद

बांधवगढ़ की अपेक्षा प्रदेश के अन्य टाईगर रिजर्व और पार्कों में पर्यटन शुल्क काफी ज्यादा है, नये आदेश का उद्देश्य कोरोना काल में सैलानियों की भीड़ को नियंत्रित करना है, साथ ही इससे शासन को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.

Last Updated : Oct 4, 2021, 7:40 AM IST
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