नई दिल्ली : पराक्रम दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने (PM Modi Parakram Diwas) नेताजी सुभाष चंद्र बोस के होलोग्राम स्टैचू का अनावरण किया है. पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर बनाई जाने वाली नेताजी की प्रतिमा से पहले आज होलोग्राम स्टैचू देश को समर्पित किया. होलोग्राम प्रतिमा 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी है.
होलोग्राम प्रतिमा को 30,000 लुमेन 4के प्रोजेक्टर (hologram statue 30000 lumens 4K projector) द्वारा संचालित किया जाएगा. 90% पारदर्शी होलोग्राफिक स्क्रीन अदृश्य रूप से लगाई गई है. हाई गेन स्क्रीन के फीचर्स ऐसे हैं कि यह आगंतुकों को नजर नहीं आती. होलोग्राम का सटीक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए हाई गेन स्क्रीन पर नेताजी की थ्रीडी तस्वीर लगाई गई है.
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#WATCH | Prime Minister Narendra Modi unveiled hologram statue of Netaji Subhas Chandra Bose at India Gate on his 125th birth anniversary #ParakramDiwas pic.twitter.com/vGQMSzLgfc
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इससे पहले कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेताजी के होलोग्राम स्टैचू के संबंध में कहा, यह सिर्फ ग्रेनाइट की मूर्ति नहीं है, बल्कि महान नेताजी को उचित श्रद्धांजलि है. शाह ने कहा कि नेताजी ने भारत की आजादी के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया.
होलोग्राम स्टैचू के अनावरण और अलंकरण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित भी किया. उन्होंने कहा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों के सामने झुकने से इनकार कर दिया. जल्द ही होलोग्राम की प्रतिमा को ग्रेनाइट की भव्य प्रतिमा से बदल दिया जाएगा. नेताजी की प्रतिमा लोकतांत्रिक मूल्यों और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.
आज देश गलतियों को ठीक कर रहा है
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर परोक्ष रूप से निशाना साधा और कहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया लेकिन आज देश उन गलतियों को ठीक कर रहा है. स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर इंडिया गेट पर उनकी होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 में स्वतंत्रता के सौवें वर्ष से पहले दुनिया की कोई भी ताकत देश को ‘नए भारत’ के निर्माण के अपने लक्ष्य को हासिल करने से नहीं रोक सकती.
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प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें नेताजी बोस के 'कैन डू' और 'विल डू' की भावना से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है. मोदी ने कहा कि ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया. स्वाधीनता संग्राम में लाखों-लाख देशवासियों की तपस्या शामिल थी लेकिन उनके इतिहास को भी सीमित करने की कोशिशें हुईं. पर आज आजादी के दशकों बाद देश उन गलतियों को डंके की चोट पर ठीक कर रहा है.
पराक्रम दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने आपदा प्रबंधन क्षेत्र में हमारी पहल की सराहना की. उन्होंने कहा, पहले आपदा प्रबंधन कृषि विभाग द्वारा संभाला जाता था. हमारी सरकार ने एनडीआरएफ को मजबूत किया. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन आज जन भागीदारी और जन विश्वास का प्रतीक है. महामारी के बीच नई आपदाओं का मुकाबला किया गया. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को सैल्यूट कर पीएम मोदी ने कहा कि आपदा राहत के समय इन एजेंसियों का समन्वय सराहनीय रहा है.
बता दें कि पराक्रम दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2019, 2020, 2021 और 2022 के लिए सात 'सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार' (Subhas Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar) भी प्रदान किए. बता दें कि केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत में विभिन्न लोगों और संगठनों द्वारा प्रदान किए गए अमूल्य योगदान एवं नि:स्वार्थ सेवा की सराहना और सम्मानित करने के लिए वार्षिक सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की शुरुआत की है.
हर साल 23 जनवरी को इस पुरस्कार की घोषणा की जाती है. इस पुरस्कार के तहत किसी संस्था के मामले में उसे 51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार एवं एक प्रमाण पत्र और किसी व्यक्ति के मामले में उसे 5 लाख रुपये एवं एक प्रमाण पत्र दिया जाता है.
इससे पहले गत 21 जनवरी को पीएम मोदी ने दो ट्वीट किए थे. प्रधानमंत्री ने कहा था कि इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. उन्होंने कहा था कि जब तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा पूरी नहीं हो जाती, तब तक वहां नेताजी की एक होलोग्राम प्रतिमा लगेगी.
पीएम मोदी ने कहा था, ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि ग्रेनाइट से बनी उनकी यह भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी. यह प्रतिमा उनके प्रति भारत के आभार की प्रतीक होगी.
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एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा था. 'जब तक नेताजी बोस की भव्य प्रतिमा पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी. मैं 23 जनवरी को नेताजी की जयंती पर इस होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा.
इंडिया गेट पर नेताजी के स्टैचू के बारे में सरकार ने एक बयान में कहा, ग्रेनाइट से बनी यह प्रतिमा स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अपार योगदान को ध्यान में रखते हुए सही मायनों में एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है. यह प्रतिमा नेताजी के प्रति देश के ऋणी होने का प्रतीक भी है. सरकार ने कहा है कि प्रतिमा का काम पूरा होने तक नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा ठीक उसी स्थान पर लगाई जाएगी.