साहिबगंज: जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है जिसके कारण बाढ़ जैसी स्थिति है. बाढ़ से पूरा दियारा क्षेत्र डूब चुका है. खतरे के निशान से अभी भी गंगा ऊपर से बह रही है. अंतरराज्यीय फेरी सेवा घाट के प्रबंधक सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंगा के रास्ते चलने वाले यात्री जहाज को फिलहाल बंद कर दिया गया है. जिससे आने जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं.
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हर रोज हजारों लोगों का आना जाना फेरी सेवा के माध्यम से होता था. साहिबगंज से मनिहारी तक यात्री जहाज से जाने में लगभग 3 घंटे का समय लगता था. ट्रेन से भागलपुर होते हुए कटिहार या मनिहारी तक पहुंचने में लोगों को कम से कम 8 घंटे का सफर करना पड़ रहा है. जिससे यात्रियों को परेशानी और भी बढ़ चुकी है.
जान जोखिम में डालकर गंगा कर रहे पार
जिला के शकुंतला सहाय घाट से यात्रियों को ले जाने के लिए कई निजी नाव उपलब्ध हैं. ऐसी स्थिति में यात्री मजबूरन जान जोखिम में डालकर गंगा नदी पार कर रहे हैं. बीच मझधार में जाने के बाद नाव का संतुलन बिगड़ने का डर बना रहता है. दूसरी बात इस आपदा को अवसर के रूप में बदल कर नाव मालिक भी भरपूर लाभ उठा रहे हैं और यात्रियों से दोगुना भाड़ा यात्रियों से वसूल रहे हैं. यात्री मजबूरन भाड़ा देकर अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच रहे हैं.
यात्रियों ने क्या कहा
यात्रियों का कहना है कि इस स्थिति में कमाई बंद है और घर डूबा हुआ है. आर्थिक स्थिति बदहाल है. नाव से पार करने में हमेशा डर बना रहता है और नाविक भी दोगुना भाड़ा वसूलते हैं. ऐसी परिस्थिति में जिला प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है ताकि गरीबों को राहत मिल सके.
जहाज नहीं चलाने का निर्देश जारी
यात्री जहाज के इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए जहाज बंद कर दिया गया है. जब तक पानी घट नहीं जाता तब तक जहाज नहीं चलाने का निर्देश जारी किया गया है. इस वक्त जहाज पर यात्रियों को लोड अनलोड करना जोखिम भरा है. जब तक पानी घट नहीं जाता, तब तक यात्री जहाज को बंद करना ही मुनासिब है.