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हाई कोर्ट ने माना संपूर्ण इतिहास वाले नहीं हो सकते इतिहास के शिक्षक, अदालत ने खारिज की एलपीए याचिका - झारखंड हाई कोर्ट

झारखंड हाई कोर्ट में प्राचीन इतिहास या मध्यकालीन इतिहास वाले संपूर्ण इतिहास की शिक्षक नहीं हो सकते हैं. इस मामले की अदालत में सुनवाई हुई. इसे लेकर अदालत ने एलपीए याचिका को खारिज कर दिया है.

Hearing on LPA petition for history teachers in High Court
झारखंड हाई कोर्ट
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Published : Jun 16, 2020, 7:19 AM IST

रांची: झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में प्राचीन इतिहास या मध्यकालीन इतिहास या आधुनिक इतिहास को संपूर्ण इतिहास माना जाए को लेकर दायर एलपीए याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों के सुनने के बाद एकल पीठ के आदेश को सही मानते हुए और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के फैसले को सही ठहराते हुए याचिकाकर्ता कृष्ण कुमार शुक्ला और अन्य की एलपीए याचिका को खारिज कर दिया.

देखें पूरी खबर

सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पीपरवाल ने अदालत को बताया कि प्राचीन इतिहास इतिहास या मध्यकालीन इतिहास या आधुनिक इतिहास, इतिहास का एक अंग है. यह संपूर्ण इतिहास नहीं है. विज्ञापन में इतिहास से स्नातकोत्तर को आवेदन करने की अनुमति दी गई थी. यह आवेदन के समय इतिहास से स्नातकोत्तर आवेदन में लिखे थे. पेपर वेरीफिकेशन के दौरान इनका प्रमाण पत्र इतिहास में न होकर प्राचीन इतिहास या मध्यकालीन इतिहास या आधुनिक इतिहास में अलग-अलग था. इसलिए इन्हें अंतिम रूप से चयनित नहीं किया गया.

ये भी देखें- रांचीः रेल मंत्री ने की एएसआई सुशीला बड़ाईक की तारीफ, ट्विटर के जरिए कही ये बात

बता दें कि कृष्ण कुमार शुक्ला और अन्य ने कर्मचारी चयन आयोग के प्राचीन इतिहास में स्नातकोत्तर होने के कारण उनका चयन नहीं करने के बाद जेएसीसी के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दिया था. पूर्व में एकल पीठ ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया था, लेकिन फिर उन्होंने एकल पीठ के आदेश को एलपीए के माध्यम से चुनौती दिया. जिस पर सुनवाई हुई. अदालत ने एलपीए को भी खारिज कर दिया है.

रांची: झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में प्राचीन इतिहास या मध्यकालीन इतिहास या आधुनिक इतिहास को संपूर्ण इतिहास माना जाए को लेकर दायर एलपीए याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों के सुनने के बाद एकल पीठ के आदेश को सही मानते हुए और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के फैसले को सही ठहराते हुए याचिकाकर्ता कृष्ण कुमार शुक्ला और अन्य की एलपीए याचिका को खारिज कर दिया.

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सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पीपरवाल ने अदालत को बताया कि प्राचीन इतिहास इतिहास या मध्यकालीन इतिहास या आधुनिक इतिहास, इतिहास का एक अंग है. यह संपूर्ण इतिहास नहीं है. विज्ञापन में इतिहास से स्नातकोत्तर को आवेदन करने की अनुमति दी गई थी. यह आवेदन के समय इतिहास से स्नातकोत्तर आवेदन में लिखे थे. पेपर वेरीफिकेशन के दौरान इनका प्रमाण पत्र इतिहास में न होकर प्राचीन इतिहास या मध्यकालीन इतिहास या आधुनिक इतिहास में अलग-अलग था. इसलिए इन्हें अंतिम रूप से चयनित नहीं किया गया.

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बता दें कि कृष्ण कुमार शुक्ला और अन्य ने कर्मचारी चयन आयोग के प्राचीन इतिहास में स्नातकोत्तर होने के कारण उनका चयन नहीं करने के बाद जेएसीसी के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दिया था. पूर्व में एकल पीठ ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया था, लेकिन फिर उन्होंने एकल पीठ के आदेश को एलपीए के माध्यम से चुनौती दिया. जिस पर सुनवाई हुई. अदालत ने एलपीए को भी खारिज कर दिया है.

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