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शोषण का जरिया न बने निजी अस्पताल, रेट चार्ट जरूर करें डिस्प्ले: DC - धनबाद डीसी ने निजी कोविड अस्पतालों के प्रबंधकों के साथ की बैठक

धनबाद डीसी ने निजी कोविड अस्पतालों के प्रबंधकों के साथ ऑनलाइन बैठक की. इस दौरान डीसी ने रेट चार्ट डिस्प्ले करने के निर्देश दिए.

dc held online meeting with managers of private covid hospital in dhanbad
डीसी उमा शंकर सिंह
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Published : May 14, 2021, 10:24 AM IST

धनबाद: जिले के सर्किट हाउस स्थित कोविड वार रूम में सभी निजी कोविड अस्पतालों के प्रबंधन के साथ उपायुक्त उमा शंकर सिंह ने ऑनलाइन बैठक की. इस दौरान उपायुक्त ने निजी कोविड अस्पतालों के संबंध में कई निर्देश दिए. डीसी ने कहा कि निजी अस्पताल शोषण का जरिया न बने. पारदर्शी सिस्टम के तहत मरीजों से सरकार के तय रेट ही चार्ज करें. लोग जागरूक हैं. अस्पताल सबकी नजरों में है. किसी की भी गलत हरकत शीघ्र संज्ञान में आ जाएगी.

ये भी पढ़ें- कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों का सरकार रखेगी ध्यान, CM ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर


सेवा करना अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य

उपायुक्त ने कहा कि आपदा की घड़ी में लोगों की सेवा करना अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य होना चाहिए. रांची के बड़े-बड़े अस्पताल भी सरकार की ओर से तय रेट चार्ट के अनुरूप राशि मरीजों से लेते हैं. जिले के अस्पतालों की ओर से अनावश्यक रूप से मरीजों से पैसे की वसूली करने और सरकारी रेट से अधिक रकम लेने से उनकी प्रतिष्ठा पर बट्टा लग सकता है. कार्रवाई होने पर उनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है.

आईसीयू बेड की संख्या में बढ़ोतरी
उन्होंने कहा कि मरीजों से एडवांस रकम लेने की एक सीमा होनी चाहिए. आपदा की इस घड़ी में लोगों का सहयोग करना चाहिए. इस कारण गरीब और मध्यमवर्गीय लोग जिला प्रशासन की ओर से इलाज के लिए मुहैया सुविधा को प्राथमिकता देकर सरकारी अस्पतालों में आते हैं, इसलिए जिला प्रशासन ने भी आईसीयू बेड की संख्या में बढ़ोतरी करने और चिकित्सा की मुकम्मल व्यवस्था करने की ठान ली है.


कोविड अस्पतालों में होगी डेथ ऑडिट
उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में डेथ ऑडिट होगी. एक कमेटी आने वाले दो-तीन दिनों में आईसीएमआर के नियमानुसार ऑडिट करेगी. इसमें मरीज की मृत्यु किस कारण से हुई, क्यों हुई, कैसे हुई, इलाज के दौरान कहां लापरवाही बरती गई इत्यादि का उल्लेख होगा. 10 दिनों के बाद कमेटी अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी .

अस्पताल ऑडिट कमेटी का करें सहयोग
उन्होंने कहा कि डेथ ऑडिट का उद्देश्य किसी को डराना नहीं है बल्कि एक सही तस्वीर सामने लाना है. सबको मिलकर टीम वर्क की भावना से कोरोना से लड़ना है. सभी अस्पताल ऑडिट कमेटी का सहयोग करें और उनके यहां भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों का कोविड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को गंभीरता से लेते हुए इलाज करें. ऑनलाइन बैठक में जिले के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पताल के प्रबंधन और प्रतिनिधि उपस्थित थे.

धनबाद: जिले के सर्किट हाउस स्थित कोविड वार रूम में सभी निजी कोविड अस्पतालों के प्रबंधन के साथ उपायुक्त उमा शंकर सिंह ने ऑनलाइन बैठक की. इस दौरान उपायुक्त ने निजी कोविड अस्पतालों के संबंध में कई निर्देश दिए. डीसी ने कहा कि निजी अस्पताल शोषण का जरिया न बने. पारदर्शी सिस्टम के तहत मरीजों से सरकार के तय रेट ही चार्ज करें. लोग जागरूक हैं. अस्पताल सबकी नजरों में है. किसी की भी गलत हरकत शीघ्र संज्ञान में आ जाएगी.

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सेवा करना अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य

उपायुक्त ने कहा कि आपदा की घड़ी में लोगों की सेवा करना अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य होना चाहिए. रांची के बड़े-बड़े अस्पताल भी सरकार की ओर से तय रेट चार्ट के अनुरूप राशि मरीजों से लेते हैं. जिले के अस्पतालों की ओर से अनावश्यक रूप से मरीजों से पैसे की वसूली करने और सरकारी रेट से अधिक रकम लेने से उनकी प्रतिष्ठा पर बट्टा लग सकता है. कार्रवाई होने पर उनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है.

आईसीयू बेड की संख्या में बढ़ोतरी
उन्होंने कहा कि मरीजों से एडवांस रकम लेने की एक सीमा होनी चाहिए. आपदा की इस घड़ी में लोगों का सहयोग करना चाहिए. इस कारण गरीब और मध्यमवर्गीय लोग जिला प्रशासन की ओर से इलाज के लिए मुहैया सुविधा को प्राथमिकता देकर सरकारी अस्पतालों में आते हैं, इसलिए जिला प्रशासन ने भी आईसीयू बेड की संख्या में बढ़ोतरी करने और चिकित्सा की मुकम्मल व्यवस्था करने की ठान ली है.


कोविड अस्पतालों में होगी डेथ ऑडिट
उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में डेथ ऑडिट होगी. एक कमेटी आने वाले दो-तीन दिनों में आईसीएमआर के नियमानुसार ऑडिट करेगी. इसमें मरीज की मृत्यु किस कारण से हुई, क्यों हुई, कैसे हुई, इलाज के दौरान कहां लापरवाही बरती गई इत्यादि का उल्लेख होगा. 10 दिनों के बाद कमेटी अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी .

अस्पताल ऑडिट कमेटी का करें सहयोग
उन्होंने कहा कि डेथ ऑडिट का उद्देश्य किसी को डराना नहीं है बल्कि एक सही तस्वीर सामने लाना है. सबको मिलकर टीम वर्क की भावना से कोरोना से लड़ना है. सभी अस्पताल ऑडिट कमेटी का सहयोग करें और उनके यहां भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों का कोविड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को गंभीरता से लेते हुए इलाज करें. ऑनलाइन बैठक में जिले के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पताल के प्रबंधन और प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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