रांची: राष्ट्रीय खेल घोटाले में एंटी करप्शन विंग (एसीबी) ने खेल विभाग को रिमाइंडर भेजा है. रिमाइंडर भेज कर जल्द से जल्द पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के खिलाफ मुकदमा चलाने और आरोप पत्र दायर करने संबंधी फैसला लेने की मांग की गई है.
बंधु तिर्की के खिलाफ अभियोजन चलाने संबंधी मामले में एसीबी के पत्र पर खेल विभाग ने विधि विभाग से मंतव्य मांगा है. विधि विभाग के द्वारा मंतव्य मिलने के बाद खेल विभाग संबंधित आदेश की प्रति मंत्रीमंडल और निगरानी विभाग को भेजेगा, जिसके बाद बंधु तिर्की के खिलाफ अभियोजन चलाने संबंधी आदेश एसीबी को मिल पाएगा. पूरी प्रकिया में देरी की वजह से एसीबी ने रिमाइंडर भेजा है. गौरतलब है कि 15 मार्च को एसीबी ने खेल विभाग को पत्र भेजकर बंधु तिर्की के खिलाफ खेल घोटाले में साक्ष्य होने की जानकारी देते हुए मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी.
गैर नामजद आरोपी हैं बंधु तिर्की
एसीबी ने राष्ट्रीय खेल घोटाले में आयोजन, खेल सामग्री की खरीद, निर्माण में घोटाले को लेकर एसीबी में कांड संख्या 49/2010 दर्ज की गई थी. एसीबी ने अब तक कांड के तीन नामजद आरोपियों खेल आयोजन समिति के सचिव एसएम हाशिमी, कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक, तात्कालिन खेल सचिव पीसी मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है. एक नामजद अभियुक्त आरके आनंद के खिलाफ भी एसीबी ने अभियोजन स्वीकृति की मांग की है.
विधि विभाग ने आरके आनंद पर अभियोजन चलाने की स्वीकृति पूर्व में ही खेल विभाग को भेजी है. निगरानी विभाग की अनुमति के बाद एसीबी एफआईआर करेगी. जांच के क्रम में एसीबी ने तात्कालिन खेल मंत्री बंधू तिर्की की भूमिका भी खेल घोटाले में सत्य पाने की जिक्र करते हुए अभियोजन की मांग की थी. बंधु तिर्की इस कांड में नामजद आरोपी नहीं थे. जांच के बाद उन्हें गैरनामजद आरोपी बनाया है.
ईडी भी कर रही जांच
राष्ट्रीय खेल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा भी मामले की जांच की जा रही है. ईडी फिलहाल केस के नामजद आरोपियों की भूमिका को लेकर मनी लाउंड्रिंग की धाराओं के तहत जांच कर रही है. ईडी ने कुछ आरोपियों से पूछताछ भी की है.