शिमला: हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के दौरान पूर्व सरकार के द्वारा चलाए गए जन मंच कार्यक्रम को लेकर सदन में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. इसको लेकर जहां पूर्व भाजपा सरकार द्वारा द्वेष की भावना से कार्यक्रम को बंद करने के आरोप लगाए जा रहे हैं. वही, सत्ता पक्ष द्वारा फिजूलखर्ची के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा जनमंच कार्यक्रम जो शुरू किया था वह असल में झंडमच है. इस कार्यक्रम में अधिकारियों की झंड करने और विपक्ष को कोसने का काम किया जाता था.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में भाजपा के नेता और हारे हुए नेताओं को धाम खिलाई जाती थी. फिजूलखर्ची इस कार्यक्रम में की जा रही थी जिसको देखते हुए सरकार ने इस कार्यक्रम को बंद कर दिया है और लोगों की समस्याएं सुनने के लिए सरकार अपने स्तर पर नया कार्यक्रम शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बदले की भावना से कोई भी काम नहीं कर रही है, बल्कि जो जनहित में योजनाएं चल रही हैं जैसे की गुड़िया हेल्पलाइन मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना सहित अन्य योजनाओं को उसी रूप में जारी रखा जाएगा.
लोक निर्माण विभाग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो बजट पेश किया गया है वह नई सोच के साथ पेश किया गया है. पहले बजट में इस तरह की नई सोच देखने को मिली है. प्रदेश में ग्रीन स्टेट की बात आज तक नहीं हुई है. आज यह समय की मांग है कि इस तरह की बात पर और चर्चा की जानी चाहिए. विश्व के अंदर पर्यावरण में बदलाव को देखने को मिल रहा है. ग्लेशियर पिघल रहे हैं. बेमौसम बारिश हो रही है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि 5 साल तक नेशनल हाईवे का भाजपा गुणगान करते रहे . पहले विपक्ष में रहते आरोप लगाते थे, लेकिन अब तथ्यों के ऊपर बात कर रहे हैं. अभी तक एक भी नेशनल हाईवे को स्वीकृति नहीं मिल पाई है.