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शिमला: हिमाचल में इस साल करीब 672 हजार मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान

प्रदेश में किसानों को गेहूं बेचने में परेशानी न इसके लिए सरकार की ओर से कुछ अहम निर्णय लिए गए हैं. कृषि विभाग और विपणन बोर्ड की मदद से गेहूं की खरीद के लिए सिरमौर जिले के पांवटा साहिब व काला अम्ब, ऊना जिले में कांगड़ (हरोली) व टकराला और कांगड़ा जिले के फतेहपुर में खरीद केन्द्र खोले गए हैं.

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Published : Apr 23, 2021, 10:24 PM IST

wheat production in himachal
हिमाचल में गेहूं उत्पादन

शिमला: ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस साल लगभग 672 हजार मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है. राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये तय किया है. कृषि विभाग और विपणन बोर्ड की मदद से गेहूं की खरीद के लिए सिरमौर जिला के पांवटा साहिब व काला अम्ब, ऊना जिले में कांगड़ (हरोली) व टकराला और कांगड़ा जिले के फतेहपुर में खरीद केन्द्र खोले गए हैं.

प्रदेश में अबतक 6701 क्विंटल गेहूं की खरीदी

मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस साल अबतक प्रदेश में लगभग 6701 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है. पांवटा साहिब में 5570, काला अम्ब में 367, ऊना जिले के कांगड़ में 379.50, टकराला में 132 और कांगड़ा जिले के फतेहपुर में 252.50 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है.

इन जिलों में गेहूं खरीद केंद्र खोलने का निर्णय

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना के किसान अपनी उपज पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में बेचने जाते हैं जिसके कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए उनकी सुविधा के लिए प्रदेश में ही गेहूं खरीद केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है.

किसानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्र पर किए गए ये इंतजाम

विभाग को गेहूं खरीद के लिए समय रहते प्रबंध करने और खरीद केन्द्रों पर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि केन्द्र पर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.

ये भी पढ़ें: कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए मंडी जिला तैयार, डेडिकेटेड अस्पताल में 500 ऑक्सीजन बेड मौजूद

शिमला: ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस साल लगभग 672 हजार मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है. राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये तय किया है. कृषि विभाग और विपणन बोर्ड की मदद से गेहूं की खरीद के लिए सिरमौर जिला के पांवटा साहिब व काला अम्ब, ऊना जिले में कांगड़ (हरोली) व टकराला और कांगड़ा जिले के फतेहपुर में खरीद केन्द्र खोले गए हैं.

प्रदेश में अबतक 6701 क्विंटल गेहूं की खरीदी

मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस साल अबतक प्रदेश में लगभग 6701 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है. पांवटा साहिब में 5570, काला अम्ब में 367, ऊना जिले के कांगड़ में 379.50, टकराला में 132 और कांगड़ा जिले के फतेहपुर में 252.50 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है.

इन जिलों में गेहूं खरीद केंद्र खोलने का निर्णय

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना के किसान अपनी उपज पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में बेचने जाते हैं जिसके कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए उनकी सुविधा के लिए प्रदेश में ही गेहूं खरीद केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है.

किसानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्र पर किए गए ये इंतजाम

विभाग को गेहूं खरीद के लिए समय रहते प्रबंध करने और खरीद केन्द्रों पर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि केन्द्र पर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.

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