धर्मशाला: प्रदेश में चलने वाली नेशनल और स्टेट परमिट आधारित टैक्सियों के साथ-साथ अब स्कूली टैक्सियां भी दौड़ेंगी. परिवहन विभाग ने इस के लिए निदेशालय को प्रपोजल तैयार कर भेजा है. बता दें कि टैक्सियों पर स्कूल बसों के अनुसार ही पीला रंग होगा, लेकिन इन टैक्सियों के चालकों को किसी भी स्कूल से परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी.
परिवहन विभाग के पास रजिस्टर होने के बाद स्कूल टैक्सियां किसी भी स्कूल और किसी भी रूट के लिए छात्रों को छोड़ और उन्हें वापस घर तक पहुंचा सकेंगी. इसके लिए छात्रों के अभिभावकों को भी स्कूली बसों और टैक्सियों की अपेक्षा किराये का ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा. इसके अलावा यह टैक्सियां परिवहन विभाग के पास पंजीकृत होने के लिए वैध होंगी.
परिवहन विभाग के अनुसार वह उन बेरोजगारों को स्कूली टैक्सियों के लिए परमिट मुहैया करवाएगा, जो स्कूल बसों और टैक्सियों के लिए जरूरी मापदंडों को पूरा करेगा.
वहीं, परिवहन विभाग के प्रपोजल के अनुसार ये स्कूली टैक्सियां स्कूलों में छुट्टियों के दौरान आम सवारियों को भी उठा सकेंगी. इसके अलावा स्कूल में छुट्टी या आम टैक्सियों की तरह ही सवारियां को भी ढोने के लिए पूरी तरह से वैध होंगी. प्रपोजल में विभाग ने इसकी व्यवस्था इसलिए की है ताकि छुट्टियों के दिनों में टैक्सी चालकों को बेकार न बैठना पड़े.
वहीं, आरटीओ कांगड़ा डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि परिवहन विभाग ने निदेशालय को एक प्रपोजल बना कर भेजा है. अगर यह प्रपोजल स्वीकार होता है तो स्कूली छात्रों को सस्ती सुविधा मिलेगी. साथ ही स्कूल बसों और टैक्सियों में किराये को लेकर स्कूल प्रबंधन की चल रही मनमर्जी पर भी अंकुश लगेगा.
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