बिलासपुर: किसान आंदोलन से जहां हिमाचल पथ परिवहन निगम को घाटा पहुंच रहा है. वहीं, इसका असर अब खाद्य आपूर्ति के राशन कोटे पर देखने को मिल रहा है. पंजाब राज्य से हिमाचल में पहुंचने वाली दालों व सब्जियों का सीधा असर व्यापारी वर्ग पर पड़ रहा है. किसान आंदोलन के कारण हिमाचल में सिविल सप्लाई के माध्यम से दालों की 60 फीसदी आपूर्ति पर असर पड़ा है. प्रदेश में करीब 18 लाख राशन कार्ड धारकों को 550 मीट्रिक टन दालों का आवंटन हर महीने होता है.
ये राशन महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को देने का प्रावधान है, लेकिन किसान आंदोलन के कारण अभी तक प्रदेश में केवल 40 फीसदी दालों की सप्लाई हो पाई है. जानकारी के अनुसार प्रदेश में राशन कार्ड धारकों को दाल, चना, मूंग, माह और मलका में से कोई भी तीन दालें सस्ते दाम पर दी जाती हैं.
बिलासपुर जिला में 3340 क्विंटल दालों का हर महीने सस्ती दरों पर वितरण होता है. जिला में यह आवंटन एक लाख बारह हजार राशन कार्ड धारकों को होता है अगर किसानों का आंदोलन यूं ही चलता रहा तो बाकी राशन का सामान चावल, तेल, नमक आदि पर भी असर पड़ेगा.
इससे डिपो के सामान पर निर्भर रहने वाले परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आने का खतरा है. प्रदेश सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि किसान आंदोलन के कारण अभी तक 40 फीसदी दालों की सप्लाई ही प्रदेश के लिए हो पाई है. अगर ऐसा ही रहा तो तेल, नमक, चावल और अन्य वस्तुओं की सप्लाई पर भी असर पड़ेगा. उपभोक्ताओं को जरूरी सामान समय पर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं.