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मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर ने किया प्रदर्शन, प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

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Published : Feb 8, 2021, 7:32 PM IST

प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियुक्त करने की मांग आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्ज यूनियन की ओर से की जा रही है. अपनी इसी मांग को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स ने महिला व बाल विकास विभाग हिमलैंड शिमला स्थित कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया.

Anganwadi workers protest outside child development office for demands
फोटो.

शिमलाः प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू की गई प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियुक्त करने की मांग आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्ज यूनियन की ओर से की जा रही है. अपनी इसी मांग को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स ने महिला व बाल विकास विभाग हिमलैंड शिमला स्थित कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया.

मांगों को लेकर विभाग को सौंपा ज्ञापन

आंगनबाड़ी वर्कर्स ने विभाग के कार्यालय के बाहर तीन घंटों तक लगातार नारेबाजी की. इस दौरान अपनी मांगों को लेकर उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग राकेश भारद्वाज से मुलाकात की और उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा.

वीडियो रिपोर्ट.

9 मार्च को यूनियन करेगी प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

वहीं, यूनियन ने मांग पत्र के माध्यम से यह चेतावनी भी दी है कि उनकी मांगें पूरी ना होने पर यूनियन 9 मार्च को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी. यूनियन ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि यदि आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी नहीं किए गए तो आंगनबाड़ी कर्मी 9 मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखेंगे.

विधानसभा का करेंगे घेराव

इसके अलावा इस दिन प्रदेशभर के हजारों आंगनबाड़ी कर्मी बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे. यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल ने कहा की केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए, क्योंकि छः वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले 45 वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी कर्मियों को देने की घोषणा प्रदेश सरकार बजट सत्र में ही करे अन्यथा हज़ारों कर्मी बजट सत्र में ही सरकार की घेराबंदी करेंगें.

नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग

उन्होंने चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी कर्मियों के सिवाए किसी अन्य को प्री प्राइमरी की शिक्षा की जिम्मेवारी दी गयी तो इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन होगा. उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह नीति छात्र विरोधी होने के साथ आंगनबाड़ी वर्कर्स के हित में नहीं है. इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा.

इन सुविधाओं को लागू करने की मांग

उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं. उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हजार रुपये पेंशन, दो लाख रुपये ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है. उन्होंने कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने, नई शिक्षा नीति 2020 को खत्म करने, मिनी आंगनबाड़ी कर्मियों को बराबर वेतन दिया जाए.

ये भी पढ़ें- नियम में संशोधन के बाद ही पार्टी चिन्हों पर हो पाएंगे चुनाव: निर्वाचन आयोग

शिमलाः प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू की गई प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियुक्त करने की मांग आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्ज यूनियन की ओर से की जा रही है. अपनी इसी मांग को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स ने महिला व बाल विकास विभाग हिमलैंड शिमला स्थित कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया.

मांगों को लेकर विभाग को सौंपा ज्ञापन

आंगनबाड़ी वर्कर्स ने विभाग के कार्यालय के बाहर तीन घंटों तक लगातार नारेबाजी की. इस दौरान अपनी मांगों को लेकर उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग राकेश भारद्वाज से मुलाकात की और उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा.

वीडियो रिपोर्ट.

9 मार्च को यूनियन करेगी प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

वहीं, यूनियन ने मांग पत्र के माध्यम से यह चेतावनी भी दी है कि उनकी मांगें पूरी ना होने पर यूनियन 9 मार्च को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी. यूनियन ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि यदि आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी नहीं किए गए तो आंगनबाड़ी कर्मी 9 मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखेंगे.

विधानसभा का करेंगे घेराव

इसके अलावा इस दिन प्रदेशभर के हजारों आंगनबाड़ी कर्मी बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे. यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल ने कहा की केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए, क्योंकि छः वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले 45 वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी कर्मियों को देने की घोषणा प्रदेश सरकार बजट सत्र में ही करे अन्यथा हज़ारों कर्मी बजट सत्र में ही सरकार की घेराबंदी करेंगें.

नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग

उन्होंने चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी कर्मियों के सिवाए किसी अन्य को प्री प्राइमरी की शिक्षा की जिम्मेवारी दी गयी तो इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन होगा. उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह नीति छात्र विरोधी होने के साथ आंगनबाड़ी वर्कर्स के हित में नहीं है. इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा.

इन सुविधाओं को लागू करने की मांग

उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं. उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हजार रुपये पेंशन, दो लाख रुपये ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है. उन्होंने कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने, नई शिक्षा नीति 2020 को खत्म करने, मिनी आंगनबाड़ी कर्मियों को बराबर वेतन दिया जाए.

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