नाहन: जिला सिरमौर में कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत 3650 लाभार्थियों को अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के दौरान लगभग 1 करोड़ 54 लाख रुपए का लाभ दिया गया. यह जानकारी आज दोपहर बाद डीसी सिरमौर राम कुमार गौतम ने आज यहां आयोजित रोजगार विभाग की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए (employment department meeting in nahan)दी. बैठक की जानकारी देते हुए डीसी सिरमौर ने बताया कि सदस्य सचिव एवं जिला रोजगार अधिकारी सिरमौर अक्षय शर्मा द्वारा कौशल विकास योजना(Himachal Skill Development Scheme) के अर्न्तगत चल रहे निजी संस्थानों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान यह पाया गया कि कई प्रशिक्षण केन्द्रों में बच्चे अनुपस्थित थे और प्रशिक्षण केन्द्रों ने स्वयं से ट्रेनर बदले थे, जिनकी शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं थी.
डीसी ने बताया कि इन निजी संस्थानों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला स्तरीय कमेटी ने कुछ केन्द्रों को योजना से बाहर निकालने व कुछ केन्द्रों की सीटों को एक तिहाई तक कम करने का निर्णय लिया, ताकि सरकारी खजाने का दुरुपयोग होने से बचाया जा सके. उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिले में 12 निजी संस्थानों कार्यरत हैं, जिनमें से गोल्डन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड संगडाह और एपटेक कंप्यूटर सेंटर सराहां को बंद करने के आदेश दिए गए. इसके अतिरिक्त माता बाला सुंदरी एजुकेशन सोसायटी नाहन, आनंद जागृति सोसायटी नाहन, चुडेश्वर एजुकेशन ट्रस्ट (सीईटी) नाहन, ज्ञान शक्ति विद्यापीठ पांवटा साहिब, दी प्लेनेट एजुकेशन इंस्टीट्यूट नैसकॉम पांवटा साहिब, जय मां थारी एजुकेशन इंस्टीट्यूट नैसकॉम पांवटा साहिब, दिव्य वाणी संस्था एमसी कॉलोनी नाहन, आईसीआरडी एजुकेशन इंस्टीट्यूट बद्रीपुर पांवटा साहिब, दी प्लेनेट स्किल एकेडमी राजपुर चौंक पांवटा साहिब और सी-डैक मै. डिजिटल टेक्नोलॉजीस सराहां में सीटों को एक तिहाई तक कम करने का निर्णय लिया गया.
बैठक में डीसी ने जिला रोजगार अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे या आईरिस स्कैनर लगाए जाए. साथ ही प्रत्येक माह निरिक्षण किया जाए, ताकि कौशल विकास योजना और उपयोगी साबित हो सके. डीसी ने जिला रोजगार अधिकारी को कौशल विकास भत्ता योजना के अन्तर्गत ज्यादा से ज्यादा अभ्यार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए,
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