सुंदरनगर: मंडी जिला के सुंदरनगर में झारखंड के रहने वाले एक श्रमिक की करंट लगने से मौत के मामले को दबाने को लेकर निजी ठेकेदार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है. जवाहर लाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में भवन निर्माण के दौरान चार श्रमिकों को करंट लग गया था. इस हादसे में एक श्रमिक की जान चली गई.
जानकारी के अनुसार सुंदरनगर स्थित जवाहर लाल इंजीनियरिंग कालेज में चल रहे भवन निर्माण के दौरान एक निजी ठेकेदार के पास कार्यरत झारखंड के रहने वाले 4 श्रमिकों को भवन निर्माण के दौरान पीलर के कालम भरते समय करंट लग गया था. इस हादसे में राजेंद्र उर्फ राजा पन्ना पुत्र कालेश्वर पन्ना की नागरिक चिकित्सालय सुंदरनगर में इलाज के दौरान मौत हो गई.
मामले का खुलासा करते हुए मृतक राजेंद्र पन्ना के साथ कार्यरत श्रमिक पेत्रुस तिरकी, हादसे में घायल अन्य श्रमिक चंद्र कुजूर और वीरेंद्र ने कहा कि बीते 9 अक्तूबर को जवाहर लाल इंजीनियरिंग कालेज में भवन निर्माण के दौरान 4 श्रमिकों को करंट लग गया था. उन्होंने कहा कि इस हादसे में एक श्रमिक राजेंद्र उर्फ राजा पन्ना की मौत हो गई. लेकिन ठेकेदार ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी और पोस्टमार्टम कराए बिना ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
श्रमिकों का कहना है कि मृतक राजेंद्र पन्ना की पत्नी जीतमणी को भी घटना की जानकारी काफी समय बाद दी गई. ठेकेदार ने मृतक की पत्नी को कुछ पैसे देकर शुक्रवार को घर वापस भेज दिया है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब डीएसपी गुरबचन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है. मामला संज्ञान में आया है और सारे घटना क्रम को लेकर तफ्तीश की जाएगी.
वहीं, मामले में श्रमिक की मौत के बाद आनन-फानन में बिना पुलिस को सूचना दिए और पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कराना ठेकेदार की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं. मृतक की पत्नी को देर से सूचना देना और मामले को दबाने की कोशिश से सारा घटनाक्रम संदेह के घेरे आ गया है.
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