नूंह: मंगलवार को नूंह के गांधी पार्क में सैकड़ों की संख्या में ट्रक ड्राइवरों ने प्रदर्शन किया. मंगलवार सुबह जिले के सभी ट्रक ड्राइवर सबसे पहले नूंह के गांधी पार्क में इकट्ठा हुए. इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी के स्टैच्यू पर माल्यार्पण किया. यहां से पैदल मार्च करते हुए ट्रक ड्राइवर नूंह लघु सचिवालय पहुंचे. यहां उन्होंने उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा. ट्रक चालकों का कहना है कि इस नए कानून से उनका ट्रक चलाना मुश्किल हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि सड़क हादसा होने की सूरत में ना केवल अब ट्रक ड्राइवर को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ेगा, बल्कि उसे लाखों रुपए का जुर्माना भी भरना पड़ेगा. ये कानून ट्रक चालकों के हित में नहीं है. ट्रक चालकों ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनका भी अहम रोल है. उन्होंने कहा कि वो हर महीने वो हजारों किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं.
मामूली से वेतन में परिवार व बीवी बच्चों को छोड़कर वो गुजारा करने के लिए ट्रक ड्राइवरी का व्यवसाय करते हैं. लिहाजा जो कानून लाए गए हैं. वो ट्रक ड्राइवर के हित में नहीं हैं. अगर सरकार ने इन कानून को वापस नहीं लिया तो ड्राइवर का प्रदर्शन और गति पकड़ेगा. इन ट्रक ड्राइवरों को राजनीतिक दलों और समाज सेवा से जुड़े लोगों का साथ भी मिल रहा है. बता दें कि देशभर में ट्रक चालकों ने चक्का जाम कर इस कानून का विरोध किया है. जिसका असर धीरे-धीरे दिखना शुरू हो गया है. बता दें कि हरियाणा में सबसे ज्यादा ट्रक चालक नूंह जिले में हैं.
अगर कोई सड़क हादसा होता है. कैसे सिद्ध होगा कि गलती ट्रक ड्राइवर की थी या नहीं. लिहाजा इस कानून से भ्रष्टाचार बढ़ेगा. पुलिस वाला बोलेगा या तो पैसे दो, नहीं तो तुम्हें जेल जाना पड़ेगा. इस कानून का फायदा कम और नुकसान ज्यादा है. देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान ट्रक ड्राइवरों का भी है. वो घर परिवार छोड़कर रात-रात भर गाड़ी चालते है. बदले में उनको मामूली वेतन मिलता है. जिससे वो परिवार का गुजर बसर करते हैं. इसके बाद भी इस तरह का कानून गलत है. इस कानून को तुरंत वापस लिया जाए- हिदायत खान, ट्रक ड्राइवर