अंबाला: लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेलवे की ओर से संविदा और आउटसोर्स स्टाफ को तनख्वाह देने का बड़ा फैसला लिया गया था. इसके साथ ही ये भी दावा किया गया था कि लॉकडाउन के दौरान रेलवे कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाएगा, लेकिन अगर बात हरियाणा की करें तो यहां ऐसे कई रेलवे स्टेशन हैं. जहां पर पहले के मुकाबले कम या फिर एक भी सफाई कर्मचारी काम नहीं कर रहा है.
8 सफाई कर्मचारियों के कंधे पर अंबाला रेलवे स्टेशन की जिम्मेदारी
नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के डिवीजन सेक्रेटरी चरणजीत सिंह बाजवा ने बताया कि रेलवे में सबसे ज्यादा संविदात्मक कर्मी साफ-सफाई विभाग में कार्यरत थे. अगर अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन की बात करें तो यहां पर 123 सफाई कर्मी काम करते थे और आज के समय में मात्र 8 सफाईकर्मी ही कार्यरत हैं. बाकी के कर्मी कहां है और किस हाल में हैं, किसी को नहीं पता है.
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक भी सफाई कर्मचारी नहीं
ये तो थी अंबाला रेलवे स्टेशन की बात. अब जरा बात हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ की कर लेते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस वक्त चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक भी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है, जबकि कोरोना काल से पहले चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर करीब 72 सफाई कर्मचारी काम करते थे.
कहां हैं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के 72 सफाई कर्मचारी?
बाजवा ने बताया कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई का जिम्मा आईआरएसडीसी यानी इंडियन रेलवे स्टेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को दिया गया था, जिनके अंतर्गत 72 सफाई कर्मी काम करते थे, लेकिन कंपनी ने टेंडर छोड़ गिया है. यानी की आज के समय में एक भी सफाई कर्मी चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नहीं है. इससे बूरे दिन और क्या हो सकते हैं?
ये भी पढ़ेंः अंबाला में दिखा किसानों के चक्का जाम का व्यापक असर, 3 घंटे पूरी तरह सील रहा शम्भू बॉर्डर
जब इस बारे में ईटीवी भारत ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर काम कर रहे सफाई कर्मियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बीते साल 19 जुलाई को उनका टेंडर खत्म हो गया था. इसके बाद उन्हें सैलरी तो काफी वक्त तक दी गई, लेकिन अब 123 सफाई कर्मचारियों में से 72 सफाई कर्मचारियों को काम पर दोबारा नहीं रखा गया है.
क्या कहा अंबाला रेल मंडल के DRM ने?
जब इस बाबत अंबाला रेल मंडल के डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार के निर्देश अनुसार सभी संविदात्मक और आउटसोर्स कर्मियों को 22 मार्च 2019 से लेकर 22 जुलाई 2019 तक पूरी तनख्वाह उनके कांट्रेक्टर को दी गई है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में रेल ट्रैफिक पूरी तरह से रिस्टोर नहीं हुआ है.
ये भी पढ़िए: किसान आंदोलन में शामिल ये 8 साल का बच्चा कभी नहीं गया स्कूल, पीएम को फर्राटेदार अंग्रेजी में दे रहा नसीहत
उन्होंने इसके साथ ही ये भी दावा किया कि जैसे ही रेल ट्रैफिक पटरी पर लौटेगा, सभी सफाई कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक आगे बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल अभी अंबाला मंडल के अधीन आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर जरूरत के हिसाब से सफाई कर्मी रखे गए हैं.