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देखिए कैसा है देश का पहला प्लाज्मा बैंक और क्या है डोनेशन की प्रक्रिया

दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में देश का पहला प्लाज्मा बैंक खुला है. ईटीवी भारत के कैमरे की नज़र से देखिए कैसा है यह प्लाज्मा बैंक.

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Published : Jul 2, 2020, 9:20 PM IST

India's first plasma bank opened at ILBS Hospital in Delhi
दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में खुला देश का पहला प्लाज्मा बैंक

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में देश के पहले प्लाज्मा बैंक का उद्घाटन किया. प्लाज्मा डोनेशन के लिए एलिजिबल कोई भी कोरोना सर्वाइवर यहां आकर प्लाज्मा डोनेट कर सकता है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उद्घाटन के बाद इस प्लाज्मा बैंक का निरीक्षण भी किया.

दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में खुला देश का पहला प्लाज्मा बैंक

लगी हुईं हैं अत्याधुनिक मशीनें

ईटीवी भारत ने भी इस दौरान प्लाज्मा बैंक के अंदर जाकर यहां की व्यवस्था व प्रक्रिया को समझने की कोशिश की. यहां अत्याधुनिक मशीनों के जरिए प्लाज्मा डोनेशन की प्रक्रिया जारी है. हर डोनर को हालांकि प्लाज्मा डोनेशन से पहले कुछ अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. पहले पूरी तरह से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सम्बंधित व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट करने के काबिल है या नहीं.

सुबह 8 से रात 8 बजे तक सुविधा

इस प्लाज्मा बैंक में डोनेशन की पूरी प्रक्रिया को लेकर ईटीवी भारत ने प्लाज्मा बैंक को हेड कर रहीं डॉ. मीनू वाजपेयी से भी बातचीत की. डॉ. मीनू वाजपेयी ने बताया कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कोई भी यहां आकर प्लाज्मा डोनेट कर सकता है. लोगों के मन में प्लाज्मा डोनेशन को लेकर जो भ्रांतियां और जो डर हैं, उन्हें लेकर डॉ. मीनू वाजपेयी ने कहा कि जब भी कुछ नया होता है, तो मन में थोड़ा डर होता है, लेकिन इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है.


लगता है 40-45 मिनट का समय

डॉ. मीनू वाजपेयी ने यह भी बताया कि जिसके मन में भी प्लाज्मा डोनेशन को लेकर कुछ शंका हो, उसके लिए यहां काउंसिलिंग की भी व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि अभी यहां 10 मशीनें हैं और इनके जरिए हर दिन एक मशीन से 5-6 लोगों का प्लाज्मा लिया जा सकता है. डॉ. मीनू वाजपेयी ने बताया कि प्लाज्मा डोनेशन की प्रक्रिया में 40-45 मिनट का समय लगता है.

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में देश के पहले प्लाज्मा बैंक का उद्घाटन किया. प्लाज्मा डोनेशन के लिए एलिजिबल कोई भी कोरोना सर्वाइवर यहां आकर प्लाज्मा डोनेट कर सकता है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उद्घाटन के बाद इस प्लाज्मा बैंक का निरीक्षण भी किया.

दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में खुला देश का पहला प्लाज्मा बैंक

लगी हुईं हैं अत्याधुनिक मशीनें

ईटीवी भारत ने भी इस दौरान प्लाज्मा बैंक के अंदर जाकर यहां की व्यवस्था व प्रक्रिया को समझने की कोशिश की. यहां अत्याधुनिक मशीनों के जरिए प्लाज्मा डोनेशन की प्रक्रिया जारी है. हर डोनर को हालांकि प्लाज्मा डोनेशन से पहले कुछ अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. पहले पूरी तरह से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सम्बंधित व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट करने के काबिल है या नहीं.

सुबह 8 से रात 8 बजे तक सुविधा

इस प्लाज्मा बैंक में डोनेशन की पूरी प्रक्रिया को लेकर ईटीवी भारत ने प्लाज्मा बैंक को हेड कर रहीं डॉ. मीनू वाजपेयी से भी बातचीत की. डॉ. मीनू वाजपेयी ने बताया कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कोई भी यहां आकर प्लाज्मा डोनेट कर सकता है. लोगों के मन में प्लाज्मा डोनेशन को लेकर जो भ्रांतियां और जो डर हैं, उन्हें लेकर डॉ. मीनू वाजपेयी ने कहा कि जब भी कुछ नया होता है, तो मन में थोड़ा डर होता है, लेकिन इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है.


लगता है 40-45 मिनट का समय

डॉ. मीनू वाजपेयी ने यह भी बताया कि जिसके मन में भी प्लाज्मा डोनेशन को लेकर कुछ शंका हो, उसके लिए यहां काउंसिलिंग की भी व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि अभी यहां 10 मशीनें हैं और इनके जरिए हर दिन एक मशीन से 5-6 लोगों का प्लाज्मा लिया जा सकता है. डॉ. मीनू वाजपेयी ने बताया कि प्लाज्मा डोनेशन की प्रक्रिया में 40-45 मिनट का समय लगता है.

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