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UP Assembly Election : मौजूदा विधायकों की संपत्ति में रिकॉर्ड वृद्धि, एडीआर ने जारी की रिपोर्ट - यूपी विधानसभा चुनाव

पुनः चुनाव लड़ने वाले विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की विधानसभा चुनाव 2017 में औसत संपत्ति 5.68 करोड़ थी जो विधानसभा चुनाव 2022 में बढ़कर 8.87 करोड़ हो गयी है. 2017 से 2022 के दौरान इन विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की औसत संपत्ति में 3.18 (56 प्रतिशत) करोड़ की वृद्धि हुई है.

Record increase in assets of sitting MLAs in UP
यूपी में मौजूदा विधायकों की संपत्ति में रिकॉर्ड वृद्धि (प्रतीकात्मक)
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Published : Mar 2, 2022, 9:45 PM IST

लखनऊ : एडीआर उत्तर प्रदेश इलेक्शन वाच ने विधानसभा चुनाव में पुनः चुनाव लड़ रहे विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों की संपत्ति का तुलनात्मक विश्लेषण रिपोर्ट जारी किया है. एडीआर यूपी एलेक्शन वॉच के मुख्य संयोजक संजय सिंह ने कहा कि इस विश्लेषण में पता चला है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में पुनः चुनाव लड़ने वाले 301 विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों का विश्लेषण किया गया है.

इसमें पुनः चुनाव लड़ने वाले 301 में से 284 (94 प्रतिशत) विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों की संपत्ति में शून्य से 22057 प्रतिशत की बढ़ोतरी पाई गई है. 17 (6 प्रतिशत) विधायकों/विधान परिषद के सदस्यों की संपत्ति में एक प्रतिशत से 36 प्रतिशत की कमी पाई गई है. पुनः चुनाव लड़ने वाले विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की विधानसभा चुनाव 2017 में औसत संपत्ति 5.68 करोड़ थी जो विधानसभा चुनाव 2022 में बढ़कर 8.87 करोड़ हो गयी है. 2017 से 2022 के दौरान इन विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की औसत संपत्ति में 3.18 (56 प्रतिशत) करोड़ की वृद्धि हुई है.

निर्वाचन क्षेत्र मुबारकपुर से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुस मुसलिमीन के शाह आलम उर्फ गुडडू जमाली ने अपनी संपत्ति में 77.09 करोड़ की वृद्धि घोषित की है. 2017 में उनकी संपत्ति 118.76 करोड़ थी जो अब 195.85 करोड़ हो गयी है. वहीं, दूसरे नंबर पर छपरौली निवार्चन क्षेत्र से बीजेपी के सहेंद्र सिंह रमाला हैं जिनकी संपत्ति में 46.45 करोड़ की वृद्धि हुई है.

ये भी पढ़ें - UP Assembly Election: टिकैट बोले- गड़बड़ी की आशंका, ट्रैक्टर लेकर करें मतगणना स्थलों की निगरानी

2017 में उनकी संपत्ति 38.04 करोड़ थी जो बढ़कर 84.50 करोड़ हो गयी है. तीसरे स्थान पर फूलपुर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के प्रवीण पटेल हैं जिनकी संपत्ति में 31.99 करोड़ की वृद्धि हुई है. 2017 में उनकी संपत्ति 8.26 करोड़ थी जो बढ़कर 40.26 करोड़ हो गयी है. पार्टीवार बात करें तो सबसे अधिक बीजेपी के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की औसतन संपत्ति में वृद्धि हुई है. 301 में से 223 विधायकों, विधान परिषद सदस्यों के द्वारा विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी संपत्ति में औसतन 3 करोड़ की वृद्धि दिखायी है.

दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के 55 विधायकों, विधान परिषद सदस्यों के द्वारा 2022 के चुनाव में औसतन 2 करोड़ की वृद्धि दर्शायी गयी है. तीसरे नंबर पर बीएसपी है जिसके 8 विधायक, विधान परिषद सदस्यों के द्वारा औसतन 4 करोड़ की वृद्धि दर्शायी गई है.

लखनऊ : एडीआर उत्तर प्रदेश इलेक्शन वाच ने विधानसभा चुनाव में पुनः चुनाव लड़ रहे विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों की संपत्ति का तुलनात्मक विश्लेषण रिपोर्ट जारी किया है. एडीआर यूपी एलेक्शन वॉच के मुख्य संयोजक संजय सिंह ने कहा कि इस विश्लेषण में पता चला है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में पुनः चुनाव लड़ने वाले 301 विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों का विश्लेषण किया गया है.

इसमें पुनः चुनाव लड़ने वाले 301 में से 284 (94 प्रतिशत) विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों की संपत्ति में शून्य से 22057 प्रतिशत की बढ़ोतरी पाई गई है. 17 (6 प्रतिशत) विधायकों/विधान परिषद के सदस्यों की संपत्ति में एक प्रतिशत से 36 प्रतिशत की कमी पाई गई है. पुनः चुनाव लड़ने वाले विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की विधानसभा चुनाव 2017 में औसत संपत्ति 5.68 करोड़ थी जो विधानसभा चुनाव 2022 में बढ़कर 8.87 करोड़ हो गयी है. 2017 से 2022 के दौरान इन विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की औसत संपत्ति में 3.18 (56 प्रतिशत) करोड़ की वृद्धि हुई है.

निर्वाचन क्षेत्र मुबारकपुर से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुस मुसलिमीन के शाह आलम उर्फ गुडडू जमाली ने अपनी संपत्ति में 77.09 करोड़ की वृद्धि घोषित की है. 2017 में उनकी संपत्ति 118.76 करोड़ थी जो अब 195.85 करोड़ हो गयी है. वहीं, दूसरे नंबर पर छपरौली निवार्चन क्षेत्र से बीजेपी के सहेंद्र सिंह रमाला हैं जिनकी संपत्ति में 46.45 करोड़ की वृद्धि हुई है.

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2017 में उनकी संपत्ति 38.04 करोड़ थी जो बढ़कर 84.50 करोड़ हो गयी है. तीसरे स्थान पर फूलपुर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के प्रवीण पटेल हैं जिनकी संपत्ति में 31.99 करोड़ की वृद्धि हुई है. 2017 में उनकी संपत्ति 8.26 करोड़ थी जो बढ़कर 40.26 करोड़ हो गयी है. पार्टीवार बात करें तो सबसे अधिक बीजेपी के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की औसतन संपत्ति में वृद्धि हुई है. 301 में से 223 विधायकों, विधान परिषद सदस्यों के द्वारा विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी संपत्ति में औसतन 3 करोड़ की वृद्धि दिखायी है.

दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के 55 विधायकों, विधान परिषद सदस्यों के द्वारा 2022 के चुनाव में औसतन 2 करोड़ की वृद्धि दर्शायी गयी है. तीसरे नंबर पर बीएसपी है जिसके 8 विधायक, विधान परिषद सदस्यों के द्वारा औसतन 4 करोड़ की वृद्धि दर्शायी गई है.

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