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मॉडल के बाल गलत काटने का हर्जाना 2 करोड़ रुपये - wrong haircut NCDRC

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने दिल्ली के एक होटल में स्थित सलून को निर्देश दिया है कि वह एक महिला के बाल गलत तरीके से काटने और गलत हेयर ट्रीटमेंट देकर बालों को स्थाई नुकसान पहुंचाने के एवज में उसे दो करोड़ रुपये का मुआवजा दे.

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Published : Sep 24, 2021, 1:20 PM IST

नई दिल्ली : राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने एक लक्जरी होटल श्रृंखला को एक महिला को दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है.

दिल्ली स्थित होटल में एक सैलून ने महिला के कथित तौर पर गलत तरीके से बाल कट दिए थे. एनसीडीआरसी ने, यह देखते हुए कि इससे महिला का टॉप शीर्ष मॉडल बनने का सपना टूट गया है, मुआवजा देने का निर्देश दिया.

अध्यक्ष आरके अग्रवाल और सदस्य डॉ एसएम कांतिकर की पीठ ने यह देखते हुए मुआवजा देने की बात कही कि महिलाएं निस्संदेह अपने बालों को लेकर सतर्क रहती हैं, उन्हें अच्छे से रखने के लिए अच्छी रकम खर्च करती हैं और भावनात्मक रूप से जुड़ी होती हैं.

आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता आशना रॉय अपने लंबे बालों के कारण हेयर प्रोडक्ट्स की मॉडल थीं और उन्होंने बड़े बालों की देखभाल करने वाले ब्रांडों के लिए मॉडलिंग की थी, लेकिन उनके निर्देशों के खिलाफ बाल कटवाने के कारण, उन्होंने अपने अपेक्षित काम खो दिए और एक बड़ा नुकसान हुआ जिसने उन्हें और उनकी जीवन शैली को पूरी तरह से बदल दिया. एक शीर्ष मॉडल बनने के उसके सपने को चकनाचूर कर दिया.

पीठ ने 21 सितंबर के अपने आदेश में कहा, वह प्रबंधन के क्षेत्र में वरिष्ठ पदाधिकारी के रूप में काम कर रही थी और अच्छा पैसा कमा रही थी. उसके बाल काटने में हुई लापरवाही के कारण उसे गंभीर मानसिक प्रताड़ना और तनाव से गुजरना पड़ा. वह अपने काम पर ध्यान नहीं दे पायी और अंतत: उसकी नौकरी चली गयी.

आयोग के कहा कि इसके अलावा होटल 'हेयर ट्रीटमेंट' में लापरवाही करने का भी दोषी है. उसने कहा कि उसका (आशना) सिर (स्कैल्प) जल गया और कर्मचारियों की गलती के कारण अभी भी उसे एलर्जी और खुजली की समस्या हो रही है.

आयोग ने कहा, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत व्हाट्सऐप चैट ही यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि होटल ने अपनी गलती मानी है और इसके एवज में नि:शुल्क 'हेयर ट्रीटमेंट' देने की पेशकश की थी.

पढ़ें :- सूरत की देवना बनीं दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत

आयोग ने आदेश दिया, शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है और हमें लगता है कि अगर शिकायतकर्ता को 2,00,00,000 (दो करोड़) रुपये का मुआवजा दिया जाए तो यह न्याय होगा. इसलिए हम प्रतिवादी संख्या दो को निर्देश देते हैं कि वह आठ सप्ताह (दो महीने) के भीतर शिकायतकर्ता को मुआवजे की राशि दे.

अप्रैल 2018 में आशना अपने साक्षात्कार से एक सप्ताह पहले दिल्ली के एक होटल में स्थित हेयर सलून में गयी थी, जहां उसने साफ-साफ शब्दों में आगे से लंबे 'फ्लिक्स' (केश विन्यास का एक प्रकार) रखने और पीछे से बालों को चार इंच काटने को कहा था.

लेकिन, आशना का आरोप है कि हेयरड्रेसर ने उसकी बात नहीं सुनी और उसने महज चार इंच बाल छोड़कर उसके लंबे बालों को पूरी तरह से काट दिया.

इस संबंध में प्रबंधन से शिकायत करने पर उन्होंने नि:शुल्क हेयर ट्रीटमेंट की पेशकश की. आशना का दावा है कि इस दौरान प्रोडक्ट में अमोनिया की मात्रा ज्यादा होने के कारण उसके बालों को स्थाई नुकसान पहुंचा.

आशना ने आयोग से तीन करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया था.

(पीटीआई)

नई दिल्ली : राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने एक लक्जरी होटल श्रृंखला को एक महिला को दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है.

दिल्ली स्थित होटल में एक सैलून ने महिला के कथित तौर पर गलत तरीके से बाल कट दिए थे. एनसीडीआरसी ने, यह देखते हुए कि इससे महिला का टॉप शीर्ष मॉडल बनने का सपना टूट गया है, मुआवजा देने का निर्देश दिया.

अध्यक्ष आरके अग्रवाल और सदस्य डॉ एसएम कांतिकर की पीठ ने यह देखते हुए मुआवजा देने की बात कही कि महिलाएं निस्संदेह अपने बालों को लेकर सतर्क रहती हैं, उन्हें अच्छे से रखने के लिए अच्छी रकम खर्च करती हैं और भावनात्मक रूप से जुड़ी होती हैं.

आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता आशना रॉय अपने लंबे बालों के कारण हेयर प्रोडक्ट्स की मॉडल थीं और उन्होंने बड़े बालों की देखभाल करने वाले ब्रांडों के लिए मॉडलिंग की थी, लेकिन उनके निर्देशों के खिलाफ बाल कटवाने के कारण, उन्होंने अपने अपेक्षित काम खो दिए और एक बड़ा नुकसान हुआ जिसने उन्हें और उनकी जीवन शैली को पूरी तरह से बदल दिया. एक शीर्ष मॉडल बनने के उसके सपने को चकनाचूर कर दिया.

पीठ ने 21 सितंबर के अपने आदेश में कहा, वह प्रबंधन के क्षेत्र में वरिष्ठ पदाधिकारी के रूप में काम कर रही थी और अच्छा पैसा कमा रही थी. उसके बाल काटने में हुई लापरवाही के कारण उसे गंभीर मानसिक प्रताड़ना और तनाव से गुजरना पड़ा. वह अपने काम पर ध्यान नहीं दे पायी और अंतत: उसकी नौकरी चली गयी.

आयोग के कहा कि इसके अलावा होटल 'हेयर ट्रीटमेंट' में लापरवाही करने का भी दोषी है. उसने कहा कि उसका (आशना) सिर (स्कैल्प) जल गया और कर्मचारियों की गलती के कारण अभी भी उसे एलर्जी और खुजली की समस्या हो रही है.

आयोग ने कहा, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत व्हाट्सऐप चैट ही यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि होटल ने अपनी गलती मानी है और इसके एवज में नि:शुल्क 'हेयर ट्रीटमेंट' देने की पेशकश की थी.

पढ़ें :- सूरत की देवना बनीं दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत

आयोग ने आदेश दिया, शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है और हमें लगता है कि अगर शिकायतकर्ता को 2,00,00,000 (दो करोड़) रुपये का मुआवजा दिया जाए तो यह न्याय होगा. इसलिए हम प्रतिवादी संख्या दो को निर्देश देते हैं कि वह आठ सप्ताह (दो महीने) के भीतर शिकायतकर्ता को मुआवजे की राशि दे.

अप्रैल 2018 में आशना अपने साक्षात्कार से एक सप्ताह पहले दिल्ली के एक होटल में स्थित हेयर सलून में गयी थी, जहां उसने साफ-साफ शब्दों में आगे से लंबे 'फ्लिक्स' (केश विन्यास का एक प्रकार) रखने और पीछे से बालों को चार इंच काटने को कहा था.

लेकिन, आशना का आरोप है कि हेयरड्रेसर ने उसकी बात नहीं सुनी और उसने महज चार इंच बाल छोड़कर उसके लंबे बालों को पूरी तरह से काट दिया.

इस संबंध में प्रबंधन से शिकायत करने पर उन्होंने नि:शुल्क हेयर ट्रीटमेंट की पेशकश की. आशना का दावा है कि इस दौरान प्रोडक्ट में अमोनिया की मात्रा ज्यादा होने के कारण उसके बालों को स्थाई नुकसान पहुंचा.

आशना ने आयोग से तीन करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया था.

(पीटीआई)

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