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कर्नाटक : युवक ने पुरानी बाइक के इंजन से बनाई सिंचाई मशीन - इंजन से सिंचाई मशीन का निर्माण

कर्नाटक के कड़ाबा तालुक के नंदन ने एक पुरानी बाइक के इंजन से सिंचाई मशीन का निर्माण किया है. इस मशीन से छह लोग करीब एक लीटर पेट्रोल में 600 पेड़ों की सिंचाई कर सकते हैं. छोटे गांव के नंदन ने इस प्रकार के और भी आविष्कार किए हैं. इस वजह से वह आस-पास के गांवों मे लोकप्रिय हो गए हैं. पढ़ें पूरी खबर...

multi purpose machine from old bike engine
पुराने बाइक इंजन से सिंचाई मशीन का निर्माण
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Published : Jul 12, 2020, 5:42 PM IST

Updated : Jul 12, 2020, 8:00 PM IST

बेंगलुरु : कोविड-19 से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन में सामान्य जनजीवन लगभग अस्त व्यस्त है और लोग परेशान हैं. लेकिन समय के महत्व को समझते हुए कर्नाटक के कड़ाबा तालुक के नंदन ने एक पुरानी बाइक के इंजन का उपयोग कर एक बहुउद्देशीय सिंचाई मशीन का निर्माण कर दिया. इस मशीन का उपयोग फसलों पर छिड़काव से लेकर गाड़ियों के लिए किया जाता है.

पुराने बाइक इंजन से सिंचाई मशीन का निर्माण

नंदन ने इस मशीन का निर्माण रिश्तेदारों के घरों से एकत्र किए वेस्ट बाइक इंजन से किया है, जिसमें लगभग सात हजार रुपये की एयर किट भी लगी है. इस मशीन में एक बार में एक लीटर पेट्रोल से 600 पेड़ों की सिंचाई की जा सकती है. इस नई मशीन का उपयोग छह लोग कर सकते हैं. इस आविष्कार के चलते वह आस-पास के गांवों में लोकप्रिय हो गए हैं.

नंदन ने सुब्रमण्य में जेओसी पूरा करने के बाद इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर उजिर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया. बेंगलुरु में एक निजी फर्म में कुछ समय तक काम करने के बाद वह एक दुकान में काम कर रहे थे. जहां वह कृषि उपकरणों की मरम्मत करते थे.

पढ़ें- फ्रांसीसी नागरिक का भारत प्रेम, मंगलुरु में कन्नड़ सीख रहे बैपटिस्ट

नंदन अपने स्कूल के दिनों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि रखते थे. इस युवक ने स्कूली बच्चों के लिए कई मॉडल तैयार किए हैं. वह एम. गंगाधर गौड़ा और निर्मला की तीन संतानों में सबसे छोटे पुत्र हैं.

बेंगलुरु : कोविड-19 से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन में सामान्य जनजीवन लगभग अस्त व्यस्त है और लोग परेशान हैं. लेकिन समय के महत्व को समझते हुए कर्नाटक के कड़ाबा तालुक के नंदन ने एक पुरानी बाइक के इंजन का उपयोग कर एक बहुउद्देशीय सिंचाई मशीन का निर्माण कर दिया. इस मशीन का उपयोग फसलों पर छिड़काव से लेकर गाड़ियों के लिए किया जाता है.

पुराने बाइक इंजन से सिंचाई मशीन का निर्माण

नंदन ने इस मशीन का निर्माण रिश्तेदारों के घरों से एकत्र किए वेस्ट बाइक इंजन से किया है, जिसमें लगभग सात हजार रुपये की एयर किट भी लगी है. इस मशीन में एक बार में एक लीटर पेट्रोल से 600 पेड़ों की सिंचाई की जा सकती है. इस नई मशीन का उपयोग छह लोग कर सकते हैं. इस आविष्कार के चलते वह आस-पास के गांवों में लोकप्रिय हो गए हैं.

नंदन ने सुब्रमण्य में जेओसी पूरा करने के बाद इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर उजिर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया. बेंगलुरु में एक निजी फर्म में कुछ समय तक काम करने के बाद वह एक दुकान में काम कर रहे थे. जहां वह कृषि उपकरणों की मरम्मत करते थे.

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नंदन अपने स्कूल के दिनों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि रखते थे. इस युवक ने स्कूली बच्चों के लिए कई मॉडल तैयार किए हैं. वह एम. गंगाधर गौड़ा और निर्मला की तीन संतानों में सबसे छोटे पुत्र हैं.

Last Updated : Jul 12, 2020, 8:00 PM IST
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