मुंगेली: नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर समेत 2 अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. कागज में नाली निर्माण के नाम पर लाखों रुपये के फर्जीवाड़ा केस में 6 के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाली घोटाला मामले में फरारी काट रहे नगरपालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर समेत दो अन्य याचिकाकर्ताओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है.
गंभीर प्रकृति का अपराध- कोर्ट
नाली घोटाला केस में मुंगेली नगर पालिका के अध्यक्ष आरोपी संतुलाल सोनकर, सियाराम साहू और सोफिया कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार वसीम खान ने जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका लगाई गई थी. अग्रिम जमानत पर 7 अगस्त को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबी बहस हुई.
बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत पर फैसला आगामी तारीख तक के लिए सुरक्षित रखा था. जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला देते हुए इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है.
मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायालय ने निर्णय में कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ काफी गंभीर धाराएं लगाई गई है. अगर जमानत मिल जाती है तो ये लोग जांच को प्रभावित कर सकते हैं
कलेक्टर के आदेश पर दर्ज हुआ था केस
गौरतलब है कि नाली निर्माण के नाम पर किये गये इस फर्जीवाड़े पर कलेक्टर के आदेश पर बीते 26 जुलाई को वर्तमान सीएमओ ने मनीष वारे ने छह आरोपियों के खिलाफ सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया था. जिसमें पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर के अलावा तत्कालीन सीएमओ विकास पाटले, सब इंजीनियर जोएस तिग्गा, लेखापाल आनंद निषाद, सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू और सोफिया कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार वसीम खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इस मामले के सभी 6 आरोपी फरार चल रहे हैं.