कोरबा: शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए 3 साल के लिए मूल्यांकन कार्य से निलंबित कर दिया है. जिले के 11 शिक्षकों पर बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने आरोप है.
मामला 2017-18 की बोर्ड परीक्षा के दौरान का है. शिक्षकों ने किसी छात्र को ज्यादा तो किसी को कम अंक दिए थे. अंक देखकर जब छात्र-छात्राओं को हैरानी हुई तो उन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था. पुनर्मूल्यांकन में यह बात सामने आई कि विद्यार्थियों की कॉपियां गलत जांची गई हैं.
मूल्यांकन कार्य से निलंबित
शिक्षा विभाग ने मामले पर गंभीरता दिखाते हु्ए 11 शिक्षकों को 3 साल के लिए मूल्यांकन कार्य से निलंबित कर दिया है.
'छात्रों का भविष्य बिगाड़ सकती थी गलती'
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जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि 'मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बच्चों का भविष्य बिगाड़ सकती है. इसलिए शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की गई है'.