पटना: मॉनसून सत्र का आज बारहवां दिन है. विपक्ष का हंगामा जारी है. उत्तरी बिहार के कई जिलों में आई बाढ़ को लेकर आरजेडी और माले ने विधानसभा के बाहर जमकर हंगामा किया. उन्होंने सरकार से जान माल की रक्षा की मांग की. सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जनता की समस्या नहीं सुनी गई तो आगे भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा.
'चारों ओर पानी-पानी'
उत्तरी बिहार में आई बाढ़ को लेकर आरजेडी और माले के सदस्यों ने सरकार को घेरा और कहा कि मिथिलांचल में स्थिति बहुत खराब है. आरजेडी के प्रवक्ता समीर महासेठ ने कहा कि मधुबनी और सीतामढ़ी में स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है. अबतक कई तटबंध टूट चुके हैं. चारों ओर पानी ही पानी है. बता दें कि उत्तरी बिहार का 15 जिले बाढ़ से प्रभावित है.
'चुप बैठी है सरकार'
मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बहुत अच्छे सोच वाले व्यक्ति हैं. लेकिन, बाढ़ के स्थाई समाधान के लिए धरातल पर कुछ नहीं कर रहे हैं. बिहार का उत्तरी भाग पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है. कई लोग बेघर हो गए हैं. सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. लोग मर रहे हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है.
'ये राष्ट्रीय मुद्दा है'
समीर महासेठ ने कहा कि ये स्थिति पहली बार उत्पन्न नहीं हुई है. हर साल ये इलाका बाढ़ की चपेट में आता है. दर्जनों लोग पानी की धार में बह जाते हैं. नेपाल से हर साल पानी छोड़ा जाता है जिससे ये भयावह स्थिति पैदा होती है. उन्होंने कहा कि ये राष्ट्रीय मुद्दा है. केंद्र और राज्य दोनों में एनडीए की सरकार है इसलिए मुख्यमंत्री को इस मसले पर गंभीरता से सोचना चाहिए.
बाढ़ को लेकर सीएम ने की थी बैठक
बिहार के कई जिलों में बाढ़ से लोग परेशान हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल बाढ़ को लेकर आपात बैठक की थी और बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया था. उन्होंने अधिकारियों को कई जरूरी दिशा निर्देश भी दिए.