
पटना: बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन के दरबार हॉल में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, लक्षद्वीप एवं अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह का स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत के लगभग सभी राज्यों के लोग बिहार में रहकर व्यापार, सरकारी सेवा, पढ़ाई एवं आजीविका आदि के लिए कार्य करते हैं.
"इस राज्य ने सबको प्रेम, सम्मान और अपनापन दिया है. दूसरे राज्यों से यहां आकर लोग अपने को बिहारी मानने लगते हैं और यहीं की भाषा-बोली और संस्कृति को अपना लेते हैं. बिहार काफी अच्छा है और यहां आने पर ही इसका पता चलता है. हमारा दायित्व है कि हम बिहार की अच्छाई के बारे में लोगों को बताएं और कुछ प्रदेशों में बने बिहार की नकारात्मक छवि को बदलने का प्रयास करें."- राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, राज्यपाल

एकता का सूत्र ही हमारी शक्ति हैः राज्यपाल ने कहा कि भारत के सभी राज्यों में अन्य प्रदेशों के लोग रहते हैं. धीरे-धीरे वहां की संस्कृति के साथ ताड़तम्य स्थापित कर लेते हैं. पूरा भारत एक है, हम एक-दूसरे के साथ अपने विचारों और संस्कृति से जुड़े हुए हैं. अतःकरण से हम एक हैं. हमें इस एकता को बनाए रखने की आवश्यकता है. एकता का सूत्र ही हमारी शक्ति है. एकता के सूत्र के कारण ही भारत के किसी एक राज्य के लोगों को तकलीफ होने अथवा उनपर विपत्ति आने पर दूसरे दूरस्थ राज्यों के लोगों को पीड़ा होती है. हमें इसी सूत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है.
एकता के कारण ही भारत श्रेष्ठ हैः राज्यपाल ने विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा अपने देश के संबंध में प्रतिज्ञा लेने की चर्चा करते हुए कहा कि हम सभी भारतमाता की संतान हैं. यही हमारी एकता का सूत्र है, जिसे सुदृढ़ बनाने की जरूरत है. एकता के कारण ही भारत श्रेष्ठ है. उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व हमारी ओर देख रहा है. वर्ष 2047 तक भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए हमें आज से ही अपने कार्यों में ईमानदारीपूर्वक जुट जाना होगा. हम न केवल आर्थिक क्षेत्र में बल्कि आध्यात्म, संस्कृति एवं अपने विचारों के माध्यम से विश्व को मार्गदर्शन करने की स्थिति में होंगे.
भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पणः राज्यपाल ने इस अवसर पर भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण किया. इस अवसर पर मगध प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू, बिहार में पदस्थापित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के पदाधिकारीगण एवं छात्र-छात्राएं तथा राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारीगण एवं कर्मीगण उपस्थित थे.
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