जमुई: देश के विभिन्न राज्यों से घर लौटने वाले मजदूरों के लिए नगर परिषद की ओर से शहर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनाए गए आपदा राहत केन्द्र में रह रहे बाहरी मजदूरों को अब सही से भोजन भी नहीं मिल रहा है. पिछले तीन दिनों से आपदा केन्द्र में रह रहे 17 मजदूर बिना नमक के गीला चावल और उबला हुआ आलू खा रहे हैं. लगातार दस दिनों से सुबह और शाम चावल खाने के कारण कई मजदूरों के चेहरे पर सुजन भी आ गया है.
आपदा केन्द्र में राशन की कमी
नगर परिषद के अधिकारी ने आपदा केन्द्र में राशन उपलब्ध नहीं कराया है. शुक्रवार को खाना देने वाले रसोईया भी मजदूरों की हालत देख अपने-अपने घर चले गए हैं. राशन नहीं रहने के कारण मजदूरों को भोजन नहीं मिलने से रसोईया भी परेशान थे. आपदा केन्द्र में रह रहे रसोईयों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए उन्हें घर जाने की इजाजत देने की मांग की है.
मजदूरों की नही हो रही चिकित्सीय जांच
आपदा केन्द्र में रह रहे मजदूरों की चिकित्सीय जांच नहीं की जा रही है. जिस दिन मजदूरों को आपदा केन्द्र में रखा गया था, सिर्फ उसी दिन उन लोगों की जांच की गई थी. बता दें पिछले दो अप्रैल को यूपी बॉर्डर से घर लौटने के दौरान बस चालक ने यूपी, दिल्ली, हरियाणा में काम करने वाले मजदूरों को नवादा में उतार दिया था. जिसके बाद सभी जमुई के रास्ते पैदल भागलपुर, बांका, साहेबगंज, गोड्डा जा रहे थे.
इसी दौरान जमुई प्रशासन ने उन्हें पकड़कर आपदा राहत केन्द्र में पहुंचा दिया. जिसके बाद फिर 9 अप्रैल को बोकारो से लौटे एक मजदूर और 10 अप्रैल को धनबाद से लौटे तीन मजदूरों को आपदा केन्द्र में रखा गया है. इन दो दिनो में लौटने वाले मजदूरों की चिकित्सीय जांच की गई है.