मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले में नदियां अब तांडव मचा रही है. सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसी दौरान संग्रामपुर प्रखंड के भवानीपुर में तटबंधों का जायजा लेने आए डीएम ने एक डूबते हुए व्यक्ति को खुद रेस्क्यू कर बाहर निकाला. डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने अपनी मोटर बोट से डूब रहे बुजुर्ग शख्स की जान बचाई. बुजुर्ग पेड़ को पकड़ कर काफी देर से पानी के तेज बहाव में खड़े थे.
पूर्वी चंपारण जिले में नदियां रौद्र रुप धारण कर चुकी हैं. विभिन्न नदियां अपने तटबंधों को धाराशायी कर तबाही मचा रही है. गंडक नदी पर बना चंपारण तटबंध संग्रामपुर प्रखंड के भवानीपुर के पास पानी का दबाव नहीं झेल पाया और लगभग डेढ़ सौ फीट तक टूट गया है.
नदी के तेज बहाव के कारण टूटे भाग के मरम्मती का कार्य कर पाना मुश्किल दिख रहा है. नदी का पानी अरेराज, संग्रामपुर, कोटवा और केसरिया प्रखंड के विभिन्न गांव में फैल गया है. तटबंध के टूटने की जानकारी मिलने पर डीएम और एसपी संग्रामपुर पहुंचे. जहां उन लोगों ने एनडीआरएफ की टीम के साथ मोटरबोट से तटबंध के कटाव स्थल का जायजा लिया. इस दौरान डीएम और एसपी ने बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बचाकर मोटरबोट से बाहर निकाला.
चार प्रखंड है गंडक के पानी से प्रभावित
डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि गंडक नदी पर बने चंपारण तटबंध के टूटने से चार प्रखंड प्रभावित हुए हैं. प्रभावित इलाके के लोगों के लिए राहत की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही बाढ़ पीड़ितों को तत्काल सुखा भोजन का पैकेट मुहैया कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की आठ टीमों को संग्रामपुर में प्रतिनियुक्त किया गया है. डीएम ने लोगों से अपील किया कि सभी लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले लें.
अधिकारियों ने डूब रहे एक व्यक्ति को किया रेस्क्यू
गंडक नदी के तटबंध टूटने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक टीम के साथ जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक और एसपी नवीन चंद्र झा संग्रामपुर के भवानीपुर गांव पहुंचे. जहां दोनों अधिकारी मोटरबोट से एनडीआरएफ की टीम के साथ क्षतिग्रस्त तटबंध को देखने निकले थे. इस दौरान गंडक के तेज बहाव में पेंड पकड़कर जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे एक व्यक्ति का रेस्क्यू डीएम और एसपी ने खुद किया.