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4th Phase Election: इन 5 सीटों का बदलेगा इतिहास! जो कल थे साथ, आज हैं एक दूसरे के खिलाफ

बिहार की जिन पांच सीटों पर चुनाव होने हैं. वहां कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में एक साथ खड़े थे. लेकिन आज वो एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं.

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Published : Apr 28, 2019, 3:39 PM IST

पटना : बिहार में सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में कुल 5 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा. इन 5 सीटों पर कुल 66 उम्मीदवार मैदान में है. जिनमें से तीन महिलाएं और शेष 63 पुरुष उम्मीदवार हैं. 3 चरणों में हुए कुल 14 लोकसभा सीटों के मतदान कई मायनों में दिलचस्प रहे.उसी तरह चौथे चरण भी कई दिलचस्प किस्से सामने हैं.

इस चरण में ज्यादातर उम्मीदवार ऐसे है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में एक साथ खड़े थे. लेकिन आज वो एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं. इस चरण में कुल 87 लाख से भी अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. पिछली बार 2014 में इन सीटों पर कुल 71 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. जिसमें 58 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी.

जानकारी देते संवाददाता

एनडीए ने किया था कब्जा
पिछले लोकसभा चुनावों में इन पांचों सीटों पर एनडीए फतह हासिल की थी. लेकिन इस बार एनडीए को अपनी साख बचाने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी पड़ रही है. इसका सबसे बड़ा कारण गठबंधन में हुए बदलाव हैं. इसका कारण एनडीए से बागी हुए नेता और पार्टी है. जो पिछले चुनाव में बीजेपी के साथ थे. आज वो बीजेपी के खिलाफ में चुनाव मैदान में है.

बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र
बात करें हॉट सीट मानी जा रही बेगूसराय लोकसभा सीट की तो इसकी तपिश चुनाव के पहले तक दिन-प्रतिदिन बढ़ती रही है. इसका कारण कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी और विवादित बयानों की बारिश रही है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने भोला सिंह को टिकट दिया था. तो राजद के टिकट पर तनवीर हसन चुनावी मैदान में थे. भोला सिंह 58335 मतों से विजई हुए थे.

मुकाबला है त्रिकोणीय
भोला सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली हो गयी थी. इस बार यहां से एनडीए ने बीजेपी के कद्दावर नेता गिरिराज सिंह को यहां से उतारा है. यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है. ये मुकाबला गिरिराज सिंह, कन्हैया कुमार और तनवीर हसन के बीच होगा. पिछली बार बेगूसराय से कुल 12 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिनमें 9 उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गई थी.

समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र
समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान सांसद हैं. इस बार भी वो यहां से लोजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. विपक्ष में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ अशोक राम हैं . पिछली बार लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद रामचंद्र पासवान मात्र 6872 वोटों से विजयी हुए थे.

इस बार कहानी कुछ और
समस्तीपुर से 2014 में जेडीयू की टिकट पर महेश्वर हजारी भी चुनाव लड़े थे. महेश्वर हजारी और रामचंद्र पासवान रिश्तेदार भी है. लेकिन इस बार महेश्वर हजारी पासवान के लिए वोट मांग रहे हैं. 2014 में समस्तीपुर से कुल 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिसमें 9 उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गयी थी.

मुंगेर लोकसभा क्षेत्र.
अब तक मुंगेर लोकसभा क्षेत्र काफी चर्चाओं में बना रहा है. इसकी प्रमुख वजह मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की उम्मीदवारी है. नीलम देवी कांग्रेस की टिकट पर मुंगेर का किला फतह करना चाहती है. तो वहीं दूसरी ओर जदयू के टिकट पर राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं.

पिछले चुनाव का 'रण'
2014 के चुनाव में ललन सिंह से कदम से कदम मिलाकर अनंत सिंह ने उनका भरपूर सहयोग किया था. लेकिन इस बार दोनों आमने सामने खड़े हैं. हालांकि पिछले चुनाव में लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी 1 लाख 9 हजार 84 मतों से यहां से चुनाव जीती थी.

उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के कारण चर्चा में बनी हुई है. पिछले लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी गठबंधन में चुनाव लड़े थे . उजियारपुर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय सांसद है. वे 60469 मतों से विजय हुए थे.

तस्वीर बदल गयी है
2014 के चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा ने नित्यानंद राय के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था. आज कुशवाहा उनके विरोध में खड़े हैं. राजद नेता आलोक नेताजी यहां से पिछली बार चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमाया था. लेकिन इस बार आलोक मेहता उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में वोट मांग रहे हैं. 2014 में कुल 19 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिसमें 17 उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गई थी.

दरभंगा लोकसभा सीट
दरभंगा लोकसभा क्षेत्र इस बार कीर्ति आजाद के नहीं होने के कारण ज्यादा सुर्खियां नहीं बटोर पाया. इस बार यहां से बीजेपी के गोपाल जी ठाकुर और आरजेडी के कद्दावर नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी आमने-सामने हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर कीर्ति आजाद 35,043 वोट से जीत कर संसद पहुंचे थे.

13 की जमानत हुई थी जब्त
पिछली बार कीर्ति के खिलाफ राजद नेता अली अशरफ फातमी ने चुनाव लड़ा था. हालांकि इस बार फातमी को टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा से नामांकन किया. लेकिन बाद में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया. 2014 के चुनाव में दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से 15 उमीदवारों ने चुनाव लड़ा था, लेकिन 13 उमीदवारों का जमानत जब्त हो गई थी.

पटना : बिहार में सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में कुल 5 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा. इन 5 सीटों पर कुल 66 उम्मीदवार मैदान में है. जिनमें से तीन महिलाएं और शेष 63 पुरुष उम्मीदवार हैं. 3 चरणों में हुए कुल 14 लोकसभा सीटों के मतदान कई मायनों में दिलचस्प रहे.उसी तरह चौथे चरण भी कई दिलचस्प किस्से सामने हैं.

इस चरण में ज्यादातर उम्मीदवार ऐसे है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में एक साथ खड़े थे. लेकिन आज वो एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं. इस चरण में कुल 87 लाख से भी अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. पिछली बार 2014 में इन सीटों पर कुल 71 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. जिसमें 58 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी.

जानकारी देते संवाददाता

एनडीए ने किया था कब्जा
पिछले लोकसभा चुनावों में इन पांचों सीटों पर एनडीए फतह हासिल की थी. लेकिन इस बार एनडीए को अपनी साख बचाने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी पड़ रही है. इसका सबसे बड़ा कारण गठबंधन में हुए बदलाव हैं. इसका कारण एनडीए से बागी हुए नेता और पार्टी है. जो पिछले चुनाव में बीजेपी के साथ थे. आज वो बीजेपी के खिलाफ में चुनाव मैदान में है.

बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र
बात करें हॉट सीट मानी जा रही बेगूसराय लोकसभा सीट की तो इसकी तपिश चुनाव के पहले तक दिन-प्रतिदिन बढ़ती रही है. इसका कारण कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी और विवादित बयानों की बारिश रही है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने भोला सिंह को टिकट दिया था. तो राजद के टिकट पर तनवीर हसन चुनावी मैदान में थे. भोला सिंह 58335 मतों से विजई हुए थे.

मुकाबला है त्रिकोणीय
भोला सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली हो गयी थी. इस बार यहां से एनडीए ने बीजेपी के कद्दावर नेता गिरिराज सिंह को यहां से उतारा है. यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है. ये मुकाबला गिरिराज सिंह, कन्हैया कुमार और तनवीर हसन के बीच होगा. पिछली बार बेगूसराय से कुल 12 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिनमें 9 उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गई थी.

समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र
समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान सांसद हैं. इस बार भी वो यहां से लोजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. विपक्ष में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ अशोक राम हैं . पिछली बार लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद रामचंद्र पासवान मात्र 6872 वोटों से विजयी हुए थे.

इस बार कहानी कुछ और
समस्तीपुर से 2014 में जेडीयू की टिकट पर महेश्वर हजारी भी चुनाव लड़े थे. महेश्वर हजारी और रामचंद्र पासवान रिश्तेदार भी है. लेकिन इस बार महेश्वर हजारी पासवान के लिए वोट मांग रहे हैं. 2014 में समस्तीपुर से कुल 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिसमें 9 उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गयी थी.

मुंगेर लोकसभा क्षेत्र.
अब तक मुंगेर लोकसभा क्षेत्र काफी चर्चाओं में बना रहा है. इसकी प्रमुख वजह मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की उम्मीदवारी है. नीलम देवी कांग्रेस की टिकट पर मुंगेर का किला फतह करना चाहती है. तो वहीं दूसरी ओर जदयू के टिकट पर राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं.

पिछले चुनाव का 'रण'
2014 के चुनाव में ललन सिंह से कदम से कदम मिलाकर अनंत सिंह ने उनका भरपूर सहयोग किया था. लेकिन इस बार दोनों आमने सामने खड़े हैं. हालांकि पिछले चुनाव में लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी 1 लाख 9 हजार 84 मतों से यहां से चुनाव जीती थी.

उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के कारण चर्चा में बनी हुई है. पिछले लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी गठबंधन में चुनाव लड़े थे . उजियारपुर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय सांसद है. वे 60469 मतों से विजय हुए थे.

तस्वीर बदल गयी है
2014 के चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा ने नित्यानंद राय के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था. आज कुशवाहा उनके विरोध में खड़े हैं. राजद नेता आलोक नेताजी यहां से पिछली बार चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमाया था. लेकिन इस बार आलोक मेहता उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में वोट मांग रहे हैं. 2014 में कुल 19 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिसमें 17 उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गई थी.

दरभंगा लोकसभा सीट
दरभंगा लोकसभा क्षेत्र इस बार कीर्ति आजाद के नहीं होने के कारण ज्यादा सुर्खियां नहीं बटोर पाया. इस बार यहां से बीजेपी के गोपाल जी ठाकुर और आरजेडी के कद्दावर नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी आमने-सामने हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर कीर्ति आजाद 35,043 वोट से जीत कर संसद पहुंचे थे.

13 की जमानत हुई थी जब्त
पिछली बार कीर्ति के खिलाफ राजद नेता अली अशरफ फातमी ने चुनाव लड़ा था. हालांकि इस बार फातमी को टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा से नामांकन किया. लेकिन बाद में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया. 2014 के चुनाव में दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से 15 उमीदवारों ने चुनाव लड़ा था, लेकिन 13 उमीदवारों का जमानत जब्त हो गई थी.

Intro:सोमवार को चौथे चरण में कुल 5 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। इन 5 सीटों पर कुल 66 उम्मीदवार मैदान में है। जिनमें से तीन महिलाएं और शेष 63 पुरुष उम्मीदवार हैं। 3 चरणों में हुए कुल 14 लोकसभा सीटों के मतदान कई मायनों में दिलचस्प रहे।
उसी तरह चौथे चरण भी कई मामलो में दिलचस्प बातें है। इस चरण में ज्यादातर उम्मीदवार वैसे है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में एक साथ खड़े थे लेकिन आज वह एक दूसरे के खिलाफ में है। इस चरण में कुल 87 लाख से भी अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

अगर हम 2014 की बात करें तो इन सीटों पर कुल 71 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। जिसमें 58 उम्मीदवारों का जमानत भी नहीं बचा था। इन पांचों सीटों पर एनडीए का कबजा हुआ था। लेकिन इस बार एनडीए को अपनी साख बचाने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी पड़ रही है।


Body:इसका सबसे बड़ा कारण गठबंधन में हुए बदलाव है। जिसके कारण कई नेता जो पिछले चुनाव में बीजेपी के साथ थे, आज वो बीजेपी के खिलाफ में चुनाव मैदान में है।

बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र...
चौथे भवन में सबसे हॉट सीट बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र है। इसका प्रमुख कारण सीपीआई से कन्हैया कुमार का उम्मीदवारी बना हुआ है। पिछली लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने भोला सिंह को टिकट दिया था। तो राजद के टिकट पर तनवीर हसन चुनावी मैदान में थे। भोला सिंह 58335 मतों से विजई हुए थे। भोला सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली हो गया था इस बार बेगूसराय से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुनावी अखाड़े में है। यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। पिछली बार बेगूसराय से कुल 12 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था जिनमें 9 उम्मीदवारों का जमानत भी नहीं बचा था।

समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र...
सबसे कम अंतर से जीता हुआ सीट था समस्तीपुर।
समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान सांसद है । इस बार भी व लोजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। विपक्ष में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ अशोक राम है । पिछली बार लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद रामचंद्र पासवान मात्र 6872 वोटों से विजय हुए थे। समस्तीपुर से 2014 में जेडीयू की टिकट पर महेश्वर हजारी भी चुनाव लड़े थे। महेश्वर हजारी और रामचंद्र पासवान रिश्तेदार भी है। लेकिन इस बार महेश्वर हजारी पासवान के लिए वोट मांग रहे हैं। 2014 में समस्तीपुर से कुल 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिसमें 9 उम्मीदवारों का जमानत जप्त हो गया था।

मुंगेर लोकसभा क्षेत्र...
इस बार मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में काफी हाई प्रोफाइल और चर्चाओं में बना रहा। इसका प्रमुख वजह मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी की उम्मीदवारी है। नीलम देवी कांग्रेस की टिकट पर मुंगेर का किला फतह करना चाहती है। तो वहीं दूसरी ओर जदयू के टिकट पर राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। 2014 के चुनाव में ललन सिंह से कदम से कदम मिलाकर अनंत सिंह ने उनका भरपूर सहयोग किया था। लेकिन इस बार दोनों आमने सामने खड़े हैं। हालांकि पिछले चुनाव में लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी 1 लाख 9 हजार 84 मतों से यहां से चुनाव जीती थी।


Conclusion:उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र...
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के कारण चर्चा में बना हुआ है। पिछले लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी गठबंधन में चुनाव लड़े थे । उजियारपुर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय सांसद है। वे 60469 मतों से विजय हुए थे। 2014 के चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा नित्यानंद राय के पक्ष में चुनाव प्रचार भी किया था। राजद नेता आलोक नेताजी यहां से पिछली बार चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमाया था। लेकिन इस बार आलोक मेहता उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में वोट मांग रहे हैं। 2014 में कुल 19 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था जिसमें 17 उम्मीदवारों का जमानत भी नहीं बचा था।

दरभंगा लोकसभा क्षेत्र...
दरभंगा लोकसभा क्षेत्र इस बार कीर्ति आजाद के नहीं होने के कारण काफी चर्चा में नहीं बन पाया है। लेकिन बीजेपी के गोपाल जी ठाकुर और राजद के कद्दावर व वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी आमने-सामने है। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर कीर्ति आजाद 35043 वोट से जीत कर संसद पहुंचे थे। कीर्ति के खिलाफ में राजद नेता अली अशरफ फातमी ने चुनाव लड़ा था। हालांकि इस बार फातमी को टिकट नही मिलने पर वे बसपा से नामांकन किया था। लेकिन बाद में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। 2014 के चुनाव में दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से 15 उमीदवारों ने चुनाव लड़ा था, लेकिन 13 उमीदवारों का जमानत जप्त हो गया था।
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