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151 दिनों में 1297 बार हमले, बार-बार भीड़ के निशाने पर क्यों आ जाती है बिहार पुलिस? - बिहार पुलिस

सदैव आपकी सुरक्षा में तत्पर (Bihar Police always ready in your service) का दावा करने वाली बिहार पुलिस (Bihar Police) पर पब्लिक के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में खासा इजाफा हुआ है. मामला चाहे वारंटी को गिरफ्तार करने का हो या अतिक्रमण हटाने का हो या फिर शराब के धंधेबाजों को पकड़ने का, पुलिस को लोगों का कोपभाजन बनना (Attack on bihar police) पड़ता है. कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें पुलिसवालों की जान तक चली गई. पढ़ें पूरी खबर

बिहार पुलिस
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Published : Jun 13, 2022, 5:59 PM IST

पटना: साल 2022 यानी इस साल के शुरूआती महीने जनवरी से मई के बीच बिहार पुलिस पर 1,297 बार हमले (1297 attacks on bihar police in 151 days ) हुए हैं. यह आंकड़े राज्य पुलिस द्वारा जारी किए गए हैं. बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Headquarter) के आंकड़ों के अनुसार, बिहार पुलिस पर प्रति माह 259 बार हमले हुए है. ज्यादातर हमले राज्य में चलाए गए ऑपरेशन प्रहार के दौरान हुए.

ये भी पढ़ें:समस्तीपुर में शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, फायरिंग में एक घायल

जनवरी में तो इतने बार पिटे पुलिसकर्मी : ऑपरेशन प्रहार बिहार पुलिस द्वारा अपराधों को नियंत्रित करने की एक प्रभावी पहल है. इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने 27,057 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है. जनवरी में राज्य पुलिस पर 374 बार हमले हुए, वहीं फरवरी में 211, मार्च में 227, अप्रैल में 190 और मई में 295 हमले हुए.

इन पांच महीनों के दौरान पुलिस ने जनवरी में 5,196, फरवरी में 5146, मार्च में 5769, अप्रैल में 4369 और मई में 6576 आरोपियों को गिरफ्तार किया. एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के बाद अधिकांश हमले ग्रामीण क्षेत्रों में शराब विरोधी अभियान और संपत्ति विवाद के मामलों के दौरान हुए. आइये जानते है कि पिछले कुछ दिनों में बिहार पुलिस पर कब-कब हमले हुए.

1 जून 2022 : शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला: पूर्वी चंपारण के मेहसी थाना क्षेत्र में शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया (Attack On Police In Motihari). जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. छापेमारी के दौरान एक शख्स की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. पुलिस कर्मियों को मौके से जान बचाकर भागना पड़ा. घटना मेहसी थाना के विमलपुर डेरवा गांव की है.

5 जून 2022 - शिवहर में अभियुक्त को पकड़ने गई पुलिस पर हमला : बिहार के शिवहर में पुलिस पर हमला (Police attack in Sheohar) हुआ था. जिले के पिपराही थाना क्षेत्र के परसौनी बैज पंचायत हरिहरपुर वार्ड नंबर 13 में हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया. ग्रामीणों ने पुलिस पर जमकर पथराव शुरू कर दिया. घटना में पुलिस गाड़ी के चालक विक्रम विराट समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए.

12 जून 2022 - 12 मोतिहारी में पुलिस पर हमला : पूर्वी चंपारण जिला के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात जमीनी विवाद की जांच करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला (Attack On Police In Motihari) कर दिया. घटना में कई पुलिस कर्मियों को चोटें आई है. पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस पर हमले की कुछ और घटनाओं की बात करें तो 12 जनवरी 2022 को पटना के रामकृष्णा नगर में पुलिस पर भीड़ का हमला हुआ था. जिसमें कई पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल हुए थे. वहीं 12 जनवरी को पटना में नालंदा पुलिस पर बड़ा हमला हुआ था. जिसमें दारोगा सहित 3 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. वहीं कटिहार में मई में कुर्की करने गई पुलिस टीम पर हमला हो गया था. खासकर ज्यादा हमला पुलिस पर उस समय होता है जब टीम शराब की छापेमारी करने जाती है.

"अपराधी की गिरफ्तारी करने गई टीम पर उपद्रवी तत्व हमला करते हैं. इसलिए जब पुलिस ऐसे ऑपरेशन में जाती है तो विशेष चौकसी बरतने की जरुरत है. टीम पूरी तैयारी से मौके पर जाए, अगर समझाने पर भी उपद्रवी नहीं मानें तो गंभीर धाराओं में कांड दर्ज कर उन पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा जो लोग भी पुलिस पर हमला करेंगे उन पर ट्रायल करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ-साथ भविष्य में ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत जो लाभ मिलता है, मामला दर्ज या सजा होने पर उस पर रोक लगा दी जाएगी." - जितेंद्र सिंह गंगवार, एडीजी, पुलिस मुख्यालय

बता दें कि पुलिस पर हमले रोकने के लिए बिहार के सभी जिलों में क्यूआरटी टीम का गठन किया जा चुका है. पटना में भी एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने जनवरी में यह टीम बनायी थी, लेकिन इस टीम के गठन के बाद भी पुलिस पर हमले का सिलसिला नहीं थमा. फिलहाल, ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जो बिहार पुलिस के लिए कड़ी चुनौती हैं. लोग कानून को हाथ में लेने से डर नहीं कर रहे. कहीं न कहीं यह पुलिस-पब्लिक के बीच बिगड़ते रिश्ते का परिणाम है जो यह बताता है कि लोगों का पुलिस पर विश्वास घट रहा है. हालांकि एक बड़ा सच यह भी है कि राज्य में शराबबंदी लागू के होने के बाद पुलिस पर हमले में काफी इजाफा हो गया है.

ये भी पढ़ें: पुलिस टीम पर हमला करने वालों की अब खैर नहीं, बोले ADG- 'दोषियों के खिलाफ चलेगा स्पीडी ट्रायल'

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पटना: साल 2022 यानी इस साल के शुरूआती महीने जनवरी से मई के बीच बिहार पुलिस पर 1,297 बार हमले (1297 attacks on bihar police in 151 days ) हुए हैं. यह आंकड़े राज्य पुलिस द्वारा जारी किए गए हैं. बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Headquarter) के आंकड़ों के अनुसार, बिहार पुलिस पर प्रति माह 259 बार हमले हुए है. ज्यादातर हमले राज्य में चलाए गए ऑपरेशन प्रहार के दौरान हुए.

ये भी पढ़ें:समस्तीपुर में शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, फायरिंग में एक घायल

जनवरी में तो इतने बार पिटे पुलिसकर्मी : ऑपरेशन प्रहार बिहार पुलिस द्वारा अपराधों को नियंत्रित करने की एक प्रभावी पहल है. इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने 27,057 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है. जनवरी में राज्य पुलिस पर 374 बार हमले हुए, वहीं फरवरी में 211, मार्च में 227, अप्रैल में 190 और मई में 295 हमले हुए.

इन पांच महीनों के दौरान पुलिस ने जनवरी में 5,196, फरवरी में 5146, मार्च में 5769, अप्रैल में 4369 और मई में 6576 आरोपियों को गिरफ्तार किया. एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के बाद अधिकांश हमले ग्रामीण क्षेत्रों में शराब विरोधी अभियान और संपत्ति विवाद के मामलों के दौरान हुए. आइये जानते है कि पिछले कुछ दिनों में बिहार पुलिस पर कब-कब हमले हुए.

1 जून 2022 : शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला: पूर्वी चंपारण के मेहसी थाना क्षेत्र में शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया (Attack On Police In Motihari). जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. छापेमारी के दौरान एक शख्स की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. पुलिस कर्मियों को मौके से जान बचाकर भागना पड़ा. घटना मेहसी थाना के विमलपुर डेरवा गांव की है.

5 जून 2022 - शिवहर में अभियुक्त को पकड़ने गई पुलिस पर हमला : बिहार के शिवहर में पुलिस पर हमला (Police attack in Sheohar) हुआ था. जिले के पिपराही थाना क्षेत्र के परसौनी बैज पंचायत हरिहरपुर वार्ड नंबर 13 में हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया. ग्रामीणों ने पुलिस पर जमकर पथराव शुरू कर दिया. घटना में पुलिस गाड़ी के चालक विक्रम विराट समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए.

12 जून 2022 - 12 मोतिहारी में पुलिस पर हमला : पूर्वी चंपारण जिला के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात जमीनी विवाद की जांच करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला (Attack On Police In Motihari) कर दिया. घटना में कई पुलिस कर्मियों को चोटें आई है. पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस पर हमले की कुछ और घटनाओं की बात करें तो 12 जनवरी 2022 को पटना के रामकृष्णा नगर में पुलिस पर भीड़ का हमला हुआ था. जिसमें कई पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल हुए थे. वहीं 12 जनवरी को पटना में नालंदा पुलिस पर बड़ा हमला हुआ था. जिसमें दारोगा सहित 3 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. वहीं कटिहार में मई में कुर्की करने गई पुलिस टीम पर हमला हो गया था. खासकर ज्यादा हमला पुलिस पर उस समय होता है जब टीम शराब की छापेमारी करने जाती है.

"अपराधी की गिरफ्तारी करने गई टीम पर उपद्रवी तत्व हमला करते हैं. इसलिए जब पुलिस ऐसे ऑपरेशन में जाती है तो विशेष चौकसी बरतने की जरुरत है. टीम पूरी तैयारी से मौके पर जाए, अगर समझाने पर भी उपद्रवी नहीं मानें तो गंभीर धाराओं में कांड दर्ज कर उन पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा जो लोग भी पुलिस पर हमला करेंगे उन पर ट्रायल करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ-साथ भविष्य में ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत जो लाभ मिलता है, मामला दर्ज या सजा होने पर उस पर रोक लगा दी जाएगी." - जितेंद्र सिंह गंगवार, एडीजी, पुलिस मुख्यालय

बता दें कि पुलिस पर हमले रोकने के लिए बिहार के सभी जिलों में क्यूआरटी टीम का गठन किया जा चुका है. पटना में भी एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने जनवरी में यह टीम बनायी थी, लेकिन इस टीम के गठन के बाद भी पुलिस पर हमले का सिलसिला नहीं थमा. फिलहाल, ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जो बिहार पुलिस के लिए कड़ी चुनौती हैं. लोग कानून को हाथ में लेने से डर नहीं कर रहे. कहीं न कहीं यह पुलिस-पब्लिक के बीच बिगड़ते रिश्ते का परिणाम है जो यह बताता है कि लोगों का पुलिस पर विश्वास घट रहा है. हालांकि एक बड़ा सच यह भी है कि राज्य में शराबबंदी लागू के होने के बाद पुलिस पर हमले में काफी इजाफा हो गया है.

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