शिमला: हिमाचल में सुक्खू सरकार में दो मंत्रियों ने नेता प्रतिपक्ष की ओर से जारी एक बयान पर पलटवार किया है. शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सुर्खियों में रहने के लिए आधारहीन आरोप लगा रहे हैं.
जयराम ठाकुर ने स्कूल बंद करने पर दिया था बयान
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में कम संख्या वाले या जीरो संख्या वाले स्कूलों को बंद करने पर कांग्रेस सरकार पर हमला बोला था. उन्होंने कहा सरकार अपने मंत्रियों के लिए करोड़ों रुपये के ऑफिस बना सकती है. मंत्रियों की कोठियां सरकार की संपत्ति हैं जिनकी मरम्मत और रखरखाव आम प्रक्रिया है. वहीं बच्चों को शिक्षा देने वाले स्कूलों को सरकार नहीं चला सकती.
इस बयान को लेकर कांग्रेस के दोनों मंत्रियों ने बयान देते हुए कहा केवल मंत्रियों की कोठियों पर ही पैसा खर्च नहीं हुआ है, बल्कि नेता प्रतिपक्ष की सरकारी कोठी की मरम्मत पर भी पैसा खर्च हुआ है. पूर्व भाजपा सरकार के समय में भी मंत्रियों के कार्यालय और कोठियों की मरम्मत का काम समय-समय पर हुआ है.
भाजपा नेता लगा रहे अड़ंगा
दोनों मंत्रियों ने कहा नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेताओं को सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए ताकि प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें. भाजपा नेता बार-बार दिल्ली जाकर हिमाचल को मिलने वाली आर्थिक मदद में अड़ंगा लगा रहे हैं. बीते साल आपदा से हुए नुकसान का 10 हजार करोड़ रुपये का क्लेम केंद्र को भेजा गया था, लेकिन भाजपा नेताओं के दवाब में इसे रोका जा रहा है. कर्मचारियों की एनपीएस के 9200 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के पास फंसे हैं. इस पैसे को केंद्र सरकार से वापस दिलाने के लिए भाजपा के नेताओं को प्रदेश सरकार की मदद करनी चाहिए.
जल्द कर्मचारियों को दिए जाएंगे सरकारी लाभ
मंत्री रोहित ठाकुर व विक्रमादित्य सिंह ने कहा वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों के हितों को देखते हुए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों को पेंशन के लिए चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी.
इसके अलावा 75 साल से अधिक आयु के 28 हजार से अधिक पेंशनरों का पूरा एरियर भी इस साल जारी किया जा रहा है. बीजेपी सरकार के समय एरियर के मात्र 50 हजार रुपये जारी किए गए. उन्होंने कहा कर्मचारियों को सात फीसदी महंगाई भत्ता दिया गया है. दोनों ने कहा वर्तमान सरकार एक वर्ष में प्रदेश की आर्थिक स्थिति पटरी पर लाएगी और सरकारी कर्मचारियों का बकाया लाभ जारी किया जाएगा.
केंद्र ने हिमाचल पर लगाए कई प्रतिबंध
पुरानी पेंशन बहाल करने पर केन्द्र सरकार ने हिमाचल पर कई प्रतिबंध लगाए. केंद्र सरकार ने लोन लेने की सीमा घटाकर 6600 करोड़ रुपये कर दी है जिससे प्रदेश को 1200 करोड़ का नुकसान हुआ. इसके अलावा बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए लोन की सीमा तीन साल के लिए 2900 करोड़ रुपये तय कर दी है. उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रतिपूर्ति भी केंद्र सरकार ने अब समाप्त कर दी है.
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