वाशिंगटन: नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी अमेरिका में डेलाइट सेविंग टाइम को खत्म करने के लिए प्रयास करेगी क्योंकि यह देश के लिए असुविधाजनक और महंगा है. अमेरिका में डेलाइट सेविंग टाइम मार्च के दूसरे रविवार को शुरू होता है और नवंबर के पहले रविवार को समाप्त होता है. समय परिवर्तन स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 बजे होता है.
ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, 'रिपब्लिकन पार्टी डेलाइट सेविंग टाइम को खत्म करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी. डेलाइट सेविंग टाइम असुविधाजनक है. ये हमारे राष्ट्र के लिए बहुत महंगा है.' जनवरी में रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस के दो सदनों - प्रतिनिधि सभा और सीनेट - पर नियंत्रण हासिल कर लेगी. ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे.
सीनेटर मार्को रुबियो जिन्हें ट्रंप ने अपने विदेश मंत्री के रूप में नामित किया है, डेलाइट सेविंग को समाप्त करने के प्रबल समर्थक रहे हैं. उन्होंने इसके लिए सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट नामक एक विधेयक पेश किया था. रुबियो ने पहले कहा था, 'हम 'आगे बढ़ रहे हैं' लेकिन हमें कभी 'पीछे नहीं हटना चाहिए'. मेरा सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट हमारी घड़ियों को आगे-पीछे बदलने की इस मूर्खतापूर्ण प्रथा को समाप्त कर देगा.'
रुबियो ने 15 मार्च 2022 को सीनेट में कहा, 'यदि सदन द्वारा पारित कर दिया जाता है और राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा कानून में हस्ताक्षर कर दिए जाते हैं तो सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट उन राज्यों पर लागू होगा जो वर्तमान में डीएसटी में भाग लेते हैं.
उन्होंने कहा, 'जो राज्य और क्षेत्र वर्तमान में पूरे साल मानक समय पर बने हुए हैं, वे ऐसा करना जारी रखेंगे. कई अध्ययनों से पता चला है कि डीएसटी को स्थायी बनाने से अर्थव्यवस्था और देश को लाभ हो सकता है. अमेरिका में डेलाइट सेविंग टाइम मार्च के दूसरे रविवार को शुरू होता है और नवंबर के पहले रविवार को समाप्त होता है. समय परिवर्तन स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 बजे होता है.
क्या है डेलाइट सेविंग टाइम
यह व्यवस्था दिन के समय के अधिकतम इस्तेमाल को लेकर लागू किया गया. ये कई देशों में लागू है. इसके तहत घड़ी की सुई को मार्च और नवंबर में एक बार आगे या पीछे किया जाता है. गर्मी के मौसम में सुई को एक आगे कर दिया जाता है और सर्दी शुरू होने पर इसे पीछे कर दिया जाता है. इससे ये फायदा होता है कि लोग दिन के उजाले का अधिकतम उपयोग करने में सक्षम होते हैं. अंधेर में काम नहीं करना पड़ता है. बिलजी की बचत होती है.