MP में नर्सिंग स्टाफ की बड़ी लापरवाही, प्रसव के दौरान फटा गुदा द्वार, लगाए गलत टांके - शिवपुरी अस्पताल की लापरवाही
Woman Anus Burst In Shivpuri: शिवपुरी के कोलारस स्वास्थ्य केंद्र लापरवाही के चलते एक महिला की जान जाते-जाते बची है. नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही के चलते महिला का गुदा द्वार फट गया. इतना नहीं स्टाफ ने गलत टांके भी लगा दिए.
शिवपुरी।जिले के कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान महिला का गुदा द्वार फट गया. इतना ही नहीं नर्सिंग स्टाफ ने गलत टांके भी लगा दिए. जिससे महिला के पेशाब वाली लगह से मल निकलने लगा. महिला की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया है.
प्रसव में लापरवाही के बाद टांके भी गलत लगाए
जानकारी के अनुसार कोलारस निवासी महिला 18 जनवरी को प्रसव के लिए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी. महिला का पहला प्रसव जिला अस्पताल में सीजर से हुआ था. इसके बावजूद कोलारस में नर्सिंग स्टाफ में शामिल हेमलता, तनु और शारदा द्वारा महिला का सामान्य प्रसव करने का जोखिम उठाया और लापरवाही पूर्वक प्रसव करवाया. जिससे महिला की योनी में चार डिग्री पैरनियम रैप्चर हो गया. इसके बाद जब नर्सिंग स्टाफ ने उसे ठीक करते समय गलत टांके लगा दिए. इस कारण महिला के पेशाब करने की जगह से मल निकल रहा है.
सर्जरी के लिए महिला को किया रेफर
गौर करने वाली बात यह है कि इतना सब होने के बावजूद चिकित्सकीय स्टाफ महिला को 23 जनवरी तक कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में ही भर्ती किए रहा. जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. जब स्थिति बहुत खराब हो गई तो प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर किया गया. जिला अस्पताल में डाक्टरों ने महिला की स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कालेज रेफर किया है. मेडिकल कॉलेज में भी महिला का अभी तक पूरी तरह इलाज नहीं हो पाया है.
इस पूरे मामले में जब कोलारस बीएमओ डॉ सुनील खंडोलिया से बात की गई तो उनका कहना था कि 'महिला की हालत फिलहाल स्थिर है. वहां महिला को देखने वाली गायनिक डॉ शिखा जैन के अनुसार उन्होंने गायनिक संबंधी काम कर दिया है. उसे अब सर्जरी के लिए रेफर किया गया है. सर्जरी डिपार्टमेंट में डाक्टर दो दिन बाद उसकी कालेस्टामी करेंगे. डॉ सुनील के अनुसार मेडिकल कॉलेज से महिला की केस शीट और समरी आने के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस कारण से ऐसे हालात बने. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किसकी क्या लापरवाही रही. इसी के बाद उचित कार्रवाई हो पाएगी.'