नई दिल्ली: यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे अब ट्रेन के कंबलों को महीने में एक बार धोने के बजाय हर 15 दिन में धोएगा. यह कदम ग्राहकों द्वारा की गई कंबल गंदे होने की शिकायत के बाद उठाया गया है.
बता दें कि रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले साल हुए संसद के शीतकालीन सत्र में भी इस बात की जानकारी दी थी कि रेलवे महीने में कितनी बार कंबलों की धुलाई करता है? उन्होंने कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा के सवाल के जवाब में कहा कि ट्रेन में यात्रियों को मिलने वाले कंबल महीने में कम से कम एक बार धोए जाते हैं.
वैष्णव ने कहा कि धुले हुए लिनन की क्वावलिटी का आकलन करने के लिए व्हाइटोमीटर का इस्तेमाल किया जाता है, और लिनन वस्तुओं के कोडल लाइफ को कम किया गया है, ताकि उसे फ्रेस सप्लाई के साथ तेजी से रिप्लेस किया जा सके.
छह लाख लिनन पैकेट का इस्तेमाल करता है रेलवे
उन्होंने कहा, "रेलमदद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की निगरानी और सोल्यूशन के लिए क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर वॉर रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें लिनन और बेडरोल से संबंधित शिकायतें भी शामिल हैं."मंत्री कहा था कि रेलवे रोजाना लगभग छह लाख लिनन पैकेट का इस्तेमाल करता है, जिनमें से हर एक में दो बेडशीट, एक तकिया कवर, एक हाथ तौलिया और एक कंबल होता है.